गर्मी के मौसम में संजय वन में पौधा रोपते यशवंत राय (दाएं से प्रथम)। सौ. स्वयं
जागरण संवाददाता, मेरठ। पर्यावरण के संरक्षण के लिए आवश्यक है पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना। पौधारोपण करने के साथ ही कुछ ऐसा ही प्रयास कर रहे हैं डा. यशवंत राय। वह अध्यापन कार्य से समय निकालकर पौधे रोपते रहते हैं लेकिन वे उन पौधों को चुनते हैं जिन पर पक्षियाें की चहचहाहट गूंजे, तितली को सुंदरता को आभा मिल सके। जल और वायु प्रदूषण में सहयोगी बनें। स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था में भी योगदान दें।
इसी जुनून के कारण डा. राय विभिन्न प्रदेशों से 35 प्रजातियों के पौधों को मेरठ में रोप चुके हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के पास ज्वाला नगर निवासी व बुलंदशहर में आइपी पीजी कालेज में वनस्पति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राय अवकाश के दिनों में मेरठ के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करते हैं फिर जहां भी पौधारोपण की संभावना बनती है वहां पर पौधे रोपते हैं।
सर छोटूराम कालेज के पास नाले के किनारे 50 बांस रोपे ताकि जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण को कम करने में कुछ सहयोग हो सके। अलग-अलग स्थानों को मिलाकर बेंत के 200 पौधे रोपे। खिरनी के 200 पौधे रोपे जिनमें से कुछ पौधे संजय वन के भी शामिल हैं।
उन्होंने मप्र और उड़ीसा समेत कई राज्यों के पौधे यहां पर रोपे। यहां की भौगोलिक स्थिति के अनुकूल रहें इसलिए उन्होंने जर्मिनेशन यानी अंकुरण प्रक्रिया अपनाई। इसमें बीज को दोनों मौसम के अनुसार अंकुरित होने के लिए वातावरण दिया। इनमें कुल्लू, वूदल, जंगली बादाम, ओरो जाइलम, कुंबी आदि शामिल हैं। |
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