स्कूली वाहनों की होगी विशेष जांच।
राज्य ब्यूरो, पटना। इस माह जनवरी में स्कूली वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस बाबत सख्त दिशा-निर्देश जारी किया है।
मंत्री ने कहा कि बच्चों की जीवन रक्षा और सुरक्षित परिवहन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी स्कूलों की ओर से संचालित वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधनों और वाहन मालिकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी जिला परिवहन अधिकारियों (डीटीओ) की ओर से विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी स्कूल वाहनों को सुरक्षा उपकरणों से लैस करना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित मदद मिल सके। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरा और निर्धारित गति सीमा के अनुरूप स्कूली वाहन चलाने का निर्देश दिया है।
नियम तोड़ने वाले ड्राइवर नहीं चला सकेंगे स्कूल बस
परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को चिन्हित कर बस परिचालन की अनुमति न दी जाए।
लाल बत्ती उल्लंघन, लेन अनुशासन भंग या अनाधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति जैसे अपराधों में एक वर्ष में दो बार से अधिक दंडित चालक स्कूल वाहन नहीं चला सकेंगे।
तेज गति, खतरनाक ड्राइविंग या नशे में ड्राइविंग के एक बार भी दंडित चालक, आईपीसी, सीआरपीसी या पोक्सो एक्ट के अपराधों में सजा पाए चालकों को स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं है।
इसके साथ ही चालकों की नियुक्ति से पहले उनके स्थायी पता और निकटतम दो रिश्तेदारों का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य होगा।
इन मानकों पर होगी जांच
- प्रत्येक स्कूल वाहन में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम लगाना जरूरी है।
- स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाना होगा। इसकी फुटेज स्कूल प्रबंधन कम से कम 60 दिनों तक संरक्षित रखेगा। 14 सीटर से कम छोटे वाहनों में सीसीटीवी अनिवार्य नहीं।
- सभी स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी, जिसकी अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा होगी।
- सभी बसों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य रूप से लगाना होगा।
- वाहनों में वैध दस्तावेज जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और चालक के पास भारी मोटर वाहन का वैध ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम एक वर्ष का अनुभव भी अनिवार्य है।
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