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PM-Kisan Samman Nidhi : ई-केवाईसी नहीं तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से बाहर, लाभ से वंचित हो सकते हैं हजारों किसान

deltin33 2026-1-3 11:57:21 views 777
  

लाभ से वंचित हो सकते हैं हजारों किसान



जागरण संवाददाता, नवादा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराने वाले किसानों के लिए अब खतरे की घंटी बज गई है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों ने समय रहते ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की, वे न सिर्फ पीएम किसान योजना की आगामी किस्त से वंचित होंगे, बल्कि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी बाहर हो सकते हैं। इसे लेकर जिलेभर में अभियान तेज कर दिया गया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसका उद्देश्य वास्तविक और पात्र किसानों की पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। प्रशासन का कहना है कि कई बार फर्जी या अपात्र लोग योजना का लाभ ले लेते हैं, जिसे रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ई-केवाईसी को जरूरी शर्त बना दिया है।

नवादा जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में ई-केवाईसी कराने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, तकनीकी सहायक और पंचायत स्तर के कर्मी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अब तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई किसानों के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर लिंक न होना या तकनीकी जानकारी की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है।

कृषि विभाग के मुताबिक जिले में पीएम किसान योजना के करीब 12 हजार से अधिक पंजीकृत लाभुक हैं, लेकिन इनमें से अभी महज 16 प्रतिशत किसानों की ही ई-केवाईसी पूरी हो सकी है। शेष किसानों को लेकर विभाग गंभीर है और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के बाद किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

ई-केवाईसी के लिए किसानों के पास आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। आधार आधारित ओटीपी या बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है। किसानों को नजदीकी सीएससी केंद्र, कृषि कार्यालय या विशेष शिविरों में जाकर ई-केवाईसी कराने की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा कृषि विभाग के कर्मी मौके पर ही मोबाइल और बायोमेट्रिक मशीन के जरिए भी सत्यापन कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में कई किसान अब भी इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम में हैं। कुछ किसानों का कहना है कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं मिली, जबकि कुछ तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने ऐसे किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जल्द से जल्द संबंधित केंद्रों पर पहुंचकर ई-केवाईसी कराएं।

कृषि अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों को पीएम किसान योजना की किस्त नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं, भविष्य में कृषि से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें परेशानी हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि किसान समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।

जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जिन कर्मियों की ओर से लापरवाही बरती जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचेगा। किसानों से भी अपील की गई है कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और अंतिम समय का इंतजार किए बिना तुरंत ई-केवाईसी कराएं, ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की अगली किस्त निर्बाध रूप से उनके खाते में पहुंच सके।
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