आलोक तिवारी, कानपुर। साइबर ठग से ठगाई करने वाले कनपुरिया की कहानी रियल लाइफ से रील लाइफ तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से उनकी कहानी पर आधारित एक लघु फिल्म तैयार की गई है। साइबर ठगों की जालसाजी के प्रति जागरूक करती इस लघु फिल्म में मुख्य किरदार निभाया है नाना पाटेकर ने।
दरअसल, बर्रा विश्वबैंक के रहने वाले भूपेन्द्र सिंह ने बीते साल छह मार्च को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश कर रहे साइबर ठग को सबक सिखाने के लिए उल्टा दस हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए थे। यह उनकी जागरूकता के कारण संभव हो सका था। वहीं, बीते दिनों प्रदेश पुलिस के मुखिया भी साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता ही एक मात्र उपाय बता चुके हैं। ऐसे में अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए यह कदम उठाया है।
फिल्म में नाना पाटेकर के अलावा अभिनेता किशोरी सोनी और आदिल ईरानी ने भी किरदार निभाया है। निर्देशक राजा शांडिल्य की इस लघु फिल्म में दिखाया गया है कि कोई भी सरकारी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है और न ही वारंट आदि वीडियो काल पर भेजे जाते हैं। आपका अपना अखबार दैनिक जागरण भी समय-समय पर लोगों को इस तरह की घटनाओं के समाचार के जरिये जागरूक करता रहता है।
भूपेन्द्र के मुताबिक, वह दैनिक जागरण पढ़कर ही साइबर ठगी के पैंतरों के बारे में जागरूक हुए थे। दैनिक जागरण के जरिये ही उनकी कहानी लोगों तक पहुंची और अब इस पर फिल्म बन रही है जो उनके लिए गर्व की बात है। उनका कहना है कि यह फिल्म ज्यादा से ज्यादा लोगों को खुद से पहल करके देखनी चाहिए, ताकि साइबर ठगों की चालों के बारे में जान सकें।
ठग से ऐंठ लिए थे 10 हजार रुपये
भूपेन्द्र के पास बीते साल छह मार्च को एक अनजान नंबर से काल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआइ अधिकारी बताते हुए कहा कि तुम इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री देखते हो, तुम्हारे खिलाफ एफआइआर दर्ज है। भूपेन्द्र ने जागरूकता का परिचय देते हुए सबसे पहले अपनी असली पहचान नहीं बताई। खुद को इंटर का छात्र बताया तो फोन करने वाले ने 16 हजार रुपये की मांग करते हुए मामाला रफा-दफा करने की बात कही। बस यहीं उन्हें यकीन हो गया कि यह साइबर ठग है और उसे सबक सिखाने की ठानी।
उन्होंने ठग से कहा कि उनके पास पैसे नहीं, लेकिन एक चेन है जो गिरवी रखी है। उसे छुड़ाने के लिए तीन हजार रुपये लगेंगे। लालच में आकर साइबर ठग ने तुरंत पैसे उनके खाते में भेज दिए। इसी तरह अलग-अलग बहाने बनाकर उन्होंने साइबर जालसाज से दस हजार रुपये ले लिए। जब साइबर ठग को खुद के साथ ठगी का एहसास हुआ तो वह पैसे वापस करने की गुहार लगाने लगे। |