Sheohar Education News: शिवहर के साथ सीतामढ़ी के पांच पंचायत भी लिए गए गोद। फाइल फोटो
नीरज, शिवहर। Women Education Initiative Bihar: शिवहर जिले में बालक-बालिकाओं की शिक्षा को नई दिशा देने के लिए महिलाओं ने विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत पंचायतों को गोद लेकर पहली से 12वीं तक के बच्चों को शत-प्रतिशत स्कूलों से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लक्ष्य है कि शिक्षा के रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर कर इन पंचायतों को आदर्श शैक्षणिक पंचायत के रूप में विकसित किया जाए। स्वयंसेवी संगठन चेंज फार मंत्रा के सहयोग से प्रगति एक प्रयास और सृष्टि महिला समाख्या सोसाइटी द्वारा यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसकी पूरी कमान महिलाओं के हाथ में होगी। अभियान की प्रेरणा पूर्व में सफल रहे शिक्षाग्रह अभियान से मिली है, जिसके जरिए बड़ी संख्या में स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ा गया था।
दस दिवसीय अभियान, गांव-गांव शिक्षा चौपाल
अभियान के तहत दस दिनों तक गांव-गांव शिक्षा चौपाल लगाकर अभिभावकों, महिलाओं और बच्चों के साथ संवाद किया गया। इस दौरान स्कूल से ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उनका डेटा संकलन किया गया।
आगे चलकर हर प्रखंड से एक-एक पंचायत को गोद लेकर वहां के सभी बच्चों को स्कूलों से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। साथ ही आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में भी सहयोग दिया जाएगा।
शिवहर की ये पंचायतें ली गईं गोद
शिवहर जिले में कुल 221 बैठकें आयोजित की गईं और पांच हजार से अधिक लोगों से संपर्क किया गया। जिले की जिन पंचायतों को गोद लिया गया है, वे हैं—
- तरियानी प्रखंड : छतौनी
- डुमरी कटसरी : नयागांव पूर्वी
- पिपराही : धनकौल
- शिवहर सदर : सरसौला
- पुरनहिया : बसंतपट्टी
इन पंचायतों में पहली से 12वीं तक के सभी बच्चों को स्कूलों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
सीतामढ़ी में भी चला अभियान
इसी तरह सीतामढ़ी जिले में प्रगति एक प्रयास और चेंज फार मंत्रा के सहयोग से 1719 गांवों में बैठकें की गईं और करीब 50 हजार लोगों से संपर्क किया गया। यहां जिन पंचायतों को गोद लिया गया है, उनमें—
- डुमरा : मनियारी
- बथनाहा : रूपौली-रूपहारा
- परसौनी : परशुरामपुर
- सोनबरसा : जयनगर
- रीगा : सिरौली द्वितीय
महिला संगठनों की भूमिका अहम
सृष्टि महिला समाख्या शिवहर की रामकुमारी सिन्हा ने बताया कि शिक्षा चौपाल के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा में सकारात्मक बदलाव आया है। अब पंचायतों को गोद लेकर इस प्रयास को स्थायी रूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वहीं, प्रगति एक प्रयास सीतामढ़ी की सुनीता कुमारी ने कहा कि बिहार के सात जिलों में यह अभियान पहले से चल रहा है और इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। आगे वैशाली, पूर्वी चंपारण, पटना, सिवान, किशनगंज, औरंगाबाद और जहानाबाद में भी शिक्षा चौपाल शुरू की जाएगी। |