नई दिल्ली। डिजिटल करेंसी यानी क्रिप्टोकरेंसी को अक्सर भविष्य का पैसा कहा जाता है, लेकिन इसके साथ जुड़े जोखिम भी उतने ही बड़े हैं। हाल के वर्षों में क्रिप्टो अपराधों (Crypto crime) में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और हैकर और ठग आम निवेशकों से लेकर करोड़पति निवेशकों तक को निशाना बना रहे हैं। वह भी कई बार पुराने जमाने की चोरी (cryptocurrency theft) और धोखाधड़ी (crypto hacking) जैसी तरकीबों से ऐसा कर रहे हैं। यहां हम आपको एक कहानी के जरिए समझा रहे हैं।
जब आंखों के सामने हुए पैसा चोरी
एक महिला हेलेन और उनके पति रिचर्ड (नाम बदले गए हैं) पिछले सात सालों से कार्डानो नामक क्रिप्टो कॉइन में निवेश कर रहे थे। वे अपनी डिजिटल चाबियों (कीज) को सुरक्षित मानते थे, लेकिन किसी तरह हैकर उनके क्लाउड स्टोरेज तक पहुंच गए। फरवरी 2024 में अपराधियों ने उनके सभी कॉइन अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लिए।
हेलेन और रिचर्ड महीनों तक अपने पैसे को एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में जाते देखते रहे लेकिन कुछ भी नहीं कर सके।
हेलेन कहती हैं कि \“\“ब्लॉकचेन पर आपका पैसा दिखता है, लेकिन उसे वापस पाने का कोई तरीका नहीं होता\“\“ उन्होंने लगभग 3.15 लाख डॉलर (करीब 2.5 लाख पाउंड) खो दिए। यह पैसा उनके लिए बेहद खास था और उन्होंने अपनी पूरी बचत इसमें लगा दी थी।
क्रिप्टो हैकिंग में क्यों हो रही तेजी?
दुनिया भर में करीब 56 करोड़ लोग क्रिप्टो रखते हैं, और ब्रिटेन में लगभग 12% वयस्क क्रिप्टो निवेशक हैं। लेकिन जैसे-जैसे क्रिप्टो लोकप्रिय हुआ, वैसे-वैसे अपराध भी बढ़े।
ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनी Chainalysis के अनुसार, 2025 में क्रिप्टो चोरी का आंकड़ा 3.4 अरब डॉलर से अधिक रहा। इनमें से करीब 20% चोरी व्यक्तिगत निवेशकों से हुई।
पारंपरिक बैंकिंग में चोरी या धोखाधड़ी होने पर बैंक, बीमा या वित्तीय संस्थाएं मदद कर सकती हैं। लेकिन क्रिप्टो में ऐसा नहीं है।
वित्तीय नियामक संस्था ने चेतावनी दी है कि क्रिप्टो बहुत उच्च जोखिम वाला है और नुकसान होने पर मुआवजा मिलने की संभावना बेहद कम है।
\“\“रिंच अटैक\“\“ और हिंसक अपराध
क्रिप्टो अपराध सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं होते। अब अपराधी लोगों के घरों में घुसकर या उन्हें अगवा करके डिजिटल वॉलेट की चाबियां भी मांग रहे हैं।
इस तरह के हमलों को \“\“रिंच अटैक\“\“ कहा जाता है, क्योंकि अपराधी कभी-कभी लोगों को औजारों से धमकाते हैं।
फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन में ऐसे मामलों में अपहरण, गोलीबारी और उंगलियां काटने जैसी भयावह घटनाएं भी सामने आई हैं।
डेटा चोरी से बनती है अमीर लोगों की लिस्ट
हैकर बड़े डेटा लीक से अमीर लोगों की जानकारी खरीदते हैं। लक्ज़री ब्रांड्स जैसी कंपनियों से चोरी हुए डेटाबेस का उपयोग करके वे हाई-नेट-वर्थ व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं और उन्हें क्रिप्टो एक्सचेंज या निवेश प्लेटफॉर्म बनकर धोखा देते हैं।
एक हैकर ने दावा किया कि उसने ऐसे डेटा से कई निवेशकों से लाखों डॉलर की क्रिप्टो ठगी की।
\“\“खुद अपना बैंक बनने\“\“ का जोखिम
क्रिप्टो उद्योग में \“\“सेल्फ कस्टडी\“\“ जैसे कॉसेप्ट लोकप्रिय है, यानी आप खुद अपना बैंक बनें और अपनी डिजिटल संपत्ति खुद संभालें। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि इससे जोखिम भी बढ़ जाता है। अगर आपकी निजी चाबी चोरी हो जाए, तो कोई बैंक या कंपनी आपकी मदद नहीं कर सकती।
हेलेन और रिचर्ड ने अपनी कार और वाद्ययंत्र बेच दिए और कुछ समय के लिए बेघर भी हो गए। फिर भी वे क्रिप्टो में निवेश करने का विचार नहीं छोड़ रहे हैं। रिचर्ड कहते हैं कि, \“\“अगर हमें पैसा वापस मिला या फिर से बचत हुई, तो हम दोबारा क्रिप्टो में निवेश करेंगे।\“\“
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