पुलिस का विशेष अभियान, 14.50 लाख के इनामी भेजे गए सलाखों के पीछे। जागरण
स्कन्द कुमार शुक्ला, बस्ती। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से चलाई जा रही मुहिम को बीते वर्ष 2025 में बड़ी सफलता मिली है। पिछले एक साल के भीतर पुलिस ने 30 मुठभेड़ों (एनकाउंटर) के दौरान 56 खूंखार इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इन गिरफ्तारियों से न केवल संगठित अपराध पर लगाम लगी है, बल्कि कई अनसुलझे मामलों की गुत्थी भी सुलझ गई है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, ये सभी गिरफ्तारियां सुनियोजित घेराबंदी और अपराधियों की ओर से की गई फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में हुई हैं।
गिरफ्तार किए गए बदमाशों पर हत्या, लूट, गो-तस्करी और रंगदारी जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। इन बदमाशों पर 15 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक के इनाम घोषित थे। इसी में बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड सेठा, कप्तानगंज के मुख्य चार हत्याराेपितों विलाधर, बलवीर उर्फ मुन्नर, कौशलचन्द्र व उसकी पत्नी रंजना पर 50 हजार का इनाम रखा गया था।
सटीक सूचना तंत्र के जरिए मुखबिरों और सर्विलांस सेल की मदद से बदमाशों की लोकेशन ट्रेस की गई। रात के समय दबिश देकर अधिकांश मुठभेड़ देर रात या तड़के अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश के दौरान हुईं।
पुलिस ने न्यूनतम क्षति और अधिकतम परिणाम के फार्मूले परआत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे बदमाश घायल हुए और उन्हें सुरक्षित रूप से चिकित्सा सहायता प्रदान कर गिरफ्तार किया गया।
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पुरस्कार घोषित अपराधी:
- गिरफ्तार 56 अपराधियों पर था कुल इनाम 14.50 लाख
- 50 हजार के इनामियों अपराधियों की संख्या 06
- 25 हजार के इनामियों अपराधियों की संख्या 40
- 15 हजार के इनामियों अपराधियों की संख्या 10
जब्त किए गए हथियार और गोला-बारूद:
इन मुठभेड़ों के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें अत्याधुनिक पिस्तौल, तमंचे, कारतूस और चोरी की गाड़ियां शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई बदमाश पड़ोसी राज्यों में भी वारदातों को अंजाम देकर यहां शरण लिए हुए थे।
हमारा लक्ष्य अपराध मुक्त समाज की स्थापना करना है। बस्ती जनपद में अपराधियों के पास केवल दो ही विकल्प हैं या तो वे अपराध का रास्ता छोड़ दें या फिर कानून के शिकंजे में आने के लिए तैयार रहें। जिले में त्वरित कार्रवाई और सख्त रुख से अपराधियों के मनोबल में गिरावट आई है। पुलिस अब इन सभी आरोपितों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी करने की तैयारी कर रही है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। -
-अभिनन्दन, पुलिस अधीक्षक, बस्ती |
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