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देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा गाजियाबाद, पाबंदियों के बाद भी हवा गंभीर श्रेणी में बरकरार

LHC0088 2025-12-29 06:55:55 views 453
  

बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर उड़ती धूल। जागरण



जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) की पाबंदियां लगने के बाद भी जिले में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बरकरार है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 414 दर्ज किया गया। संजय नगर को छोड़कर लोनी, वसुंधरा व इंदिरापुरम की हवा भी गंभीर श्रेणी में रही। लोगों को सांस लेने, आंखों में जलन समेत विभिन्न परेशानियां हो रही हैं। ग्रेटर नोएडा व नोएडा के बाद गाजियाबाद देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत 20 से अधिक विभागों के अधिकारी प्रदूषण की रोकथाम करने में फेल साबित हो रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वालों पर भी कोई खास कार्रवाई नहीं की जा रही है। कार्रवाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। सड़कों के किनारे जगह-जगह खुले में निर्माण सामग्री डालकर बेची जा रही है। सड़कों पर छिड़काव नहीं होने से धूल उड़ रही है।

उम्र पूरी कर चुके वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अवैध फैक्ट्रियां प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं। ग्रेप की पाबंदियों का पालन भी होता तो लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती थी। अब लोगों को कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। प्रदूषण रोकथाम के लिए तमाम योजनाएं भी बन रही हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है।
लोनी की हवा सबसे खराब

लोनी का हवा सबसे खराब बनी हुई है। यहां का वायु एक्यूआई गंभीर श्रेणी 445 दर्ज किया गया था। वहीं वसुंधरा का एक्यूआई 433 दर्ज किया गया। सभी इलाकों के लोगों को जहरीली हवा में रहना पड़ रहा है।
हॉटस्पॉट चिह्नित कार्रवाई कोई नहीं

जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए छह हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें लोनी भी शामिल है। ये हाटस्पाट इसीलिए चिह्नित किए गए थे कि यहां प्राथमिकता से कार्रवाई हो सके, लेकिन यहां भी किसी भी विभाग के अधिकारी सक्रिय नहीं दिख रहे हैं। सभी कागजों में योजना बना रहे हैं। धरातल पर कोई कार्य नहीं दिखाई नहीं दे रहा है।
एक्यूआई की स्थिति

  • गाजियाबाद 414
  • वसुंधरा 433
  • इंदिरापुरम 411
  • लोनी 445
  • संजय नगर 369


प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी है। लगातार अवैध फैक्ट्रियों को सील किया जा रहा है। ग्रेप के नियमों का पालन कराने के लिए चार टीमें लगी हुई हैं।


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-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
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