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सर्दियों में खूब खा रहे हैं आंवला? सावधान! ये 8 लोग इसे भूलकर भी न छुएं, सेहत पर पड़ सकता है भारी

deltin33 2025-12-17 00:37:57 views 720
  

आंवला खाने से हो सकते हैं नुकसान, इन लोगों को करना चाहिए परहेज (Picture Credit- Freepik)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आंवला, जिसे आयुर्वेद में ‘दिव्य औषधि’ और ‘अमृत फल’ भी कहा जाता है,सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स से भरपूर होता है। आंवले का सेवन इम्यूनिटी मजबूत बनाता है, पाचन सुधारता है, बालों और स्किन को हेल्दी बनाए रखता है।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

हां ये भी सही है कि हर चीज की तरह आंवला भी सभी के लिए लाभकारी नहीं है। कुछ विशेष परिस्थितियों और स्वास्थ्य समस्याओं में इसका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। अगर ऐसे लोग आंवला खाते हैं तो उन्हें साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है।तो आइए जानते हैं उन लोगों के बारे में जिन्हें आंवला खाने से बचना चाहिए।  
एसिडिटी या हाइपरएसिडिटी से ग्रस्त लोग

आंवला खट्टा और कसैला फल है। इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाता है, लेकिन जिन लोगों को अक्सर सीने में जलन, खट्टी डकारें या एसिड रिफ्लक्स की समस्या रहती है, उनके लिए यह परेशानी बढ़ा सकता है।  
लो ब्लड शुगर वाले लोग

आंवला ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। डायबिटीज मरीजों के लिए यह गुणकारी है, लेकिन जिन लोगों का ब्लड शुगर नॉर्मल से पहले ही कम रहता है, उन्हें कमजोरी, चक्कर और थकान का अनुभव हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले

आंवला ब्लड प्रेशर को नेचुरली कम करने का काम करता है।अगर कोई व्यक्ति पहले से हाई बीपी की दवा ले रहा है और साथ ही आंवला भी खाता है, तो ब्लड प्रेशर नॉर्मल से बहुत नीचे गिर सकता है, जिससे अचानक चक्कर, थकान या बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है।
ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोग

आंवला खून को पतला करने वाले गुण रखता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति ब्लड थिनिंग मेडिसिन जैसे वॉरफेरिन या एस्पिरिन लेता है और साथ में आंवला भी खाता है, तो अधिक खून बहने की संभावना बढ़ सकती है।
कब्ज से पीड़ित लोग

आंवला का सेवन कब्ज को कुछ लोगों में और गंभीर बना सकता है। इसकी कसैली प्रकृति आंतों को कठोर कर सकती है, जिससे पेट फूलना, गैस और मल त्याग में कठिनाई हो सकती है।  
गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था में आंवले का अत्यधिक सेवन एसिडिटी, कब्ज और डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकता है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव पहले से ही सेंसिटिव होते हैं, ऐसे में आंवले का असर असहजता पैदा कर सकता है।
लिवर की समस्या वाले लोग

आंवला लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, लेकिन जिन लोगों का लिवर पहले से ही कमजोर या बीमार है, उनके लिए इसकी खटास सेंसटिविटी को और बढ़ा सकती है।  
हाल ही में सर्जरी करवाने वाले मरीज

सर्जरी के बाद खून का जल्दी जमना जरूरी होता है जिससे घाव भर सके। आंवला खून को पतला करता है, जिससे सर्जरी के बाद ब्लीडिंग बढ़ सकती है और रिकवरी में समय लग सकता है।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।




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