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देहरादून में ड्रोन से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर नजर रखेगा MDDA, फ्लैट-फ्लोर विवाद की होगी हाईटेक निगरानी

deltin33 2025-12-12 06:36:45 views 778
  



अंकुर अग्रवाल, देहरादून। शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण और बिना मानक प्लाटिंग पर अब मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) हाईटेक मोड में कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण ने शहर के विभिन्न इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय करने की तैयारी कर ली है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसके जरिये उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां बिना मंजूरी निर्माण, प्लाटिंग और मानचित्र स्वीकृति के विपरीत गतिविधियां चल रही हैं। ड्रोन की मदद से एमडीडीए टीम अब ऊंचाई से पूरे क्षेत्र का स्पष्ट वीडियो और फोटो रिकार्ड ले सकेगी। इससे न केवल जमीन पर वास्तविक स्थिति पता चलेगी, बल्कि छिपकर किए जा रहे निर्माण, खेतों में हो रही अवैध प्लाटिंग और गली‐मोहल्लों में चल रही गुप्त गतिविधियों का भी पता लगाया जा सकेगा।

मिलती हैं कई शिकायतें

प्राधिकरण के अनुसार कई बार शिकायतें तो मिलती हैं, लेकिन मौके पर जाते-जाते स्थिति बदल जाती है या निर्माणकर्ता सबूत मिटा देते हैं। ड्रोन निगरानी से अब ऐसी कोशिशें नाकाम होंगी। ड्रोन फुटेज को केस फाइल में डिजिटल सबूत की तरह शामिल किया जाएगा और उसी आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में लगातार शिकायतें आ रही हैं, वहां विशेष फ्लाइंग सर्विलांस प्लान बनाया गया है।

ड्रोन टीम हर सप्ताह रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर दंडात्मक कार्रवाई, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज होगी। प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को रोकने के लिए भी यह तकनीक प्रभावी साबित होगी। खासकर शिमला बाईपास, रायपुर, सहस्रधारा रोड, सहसपुर, ऋषिकेश रोड, हर्रावाला, सेलाकुई, डोईवाला क्षेत्र और विकासनगर में कई जगह खेतों में प्लाट काटने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ड्रोन की रियल टाइम इमेजरी से इन्हें तुरंत पकड़ा जा सकेगा। एमडीडीए का दावा है कि इस हाईटेक निगरानी से शहर में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगेगी और नियमों के अनुरूप विकास को बढ़ावा मिलेगा।

शहर में विकास बनाम अव्यवस्था की लड़ाई

देहरादून तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बिना नियमों के विकास ने शहर की संरचना को खतरे में डाल दिया है। यातायात दबाव, पार्किंग संकट और कमजोर निर्माण की आशंकाओं के बीच अब तकनीक की मदद से अवैध गतिविधियों पर काबू पाने की योजना तैयार हो चुकी है। एमडीडीए का दावा है कि ड्रोन आधारित निरीक्षण से शहर में अवैध निर्माण को बहुत हद तक रोका जा सकेगा, और नियमों के अनुरूप विकास को मजबूती मिलेगी। प्राधिकरण यह भी कह रहा है कि आने वाले महीनों में ड्रोन सर्वे को पूरी तरह डिजिटल इंटीग्रेशन से जोड़ दिया जाएगा, ताकि हर निर्माण गतिविधि का रिकार्ड रियल टाइम उपलब्ध हो।

वर्तमान हालात: हर हफ्ते बढ़ रही शिकायतें

  • -पिछले कुछ महीनों में दून में अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में लगातार उछाल देखा गया है।
  • -कुछ बिल्डरों द्वारा दो मंजिल नियम से ऊपर निर्माण के मामले पकड़ में आए।
  • -कई जगह स्टिल्ट पार्किंग की जगह दुकान व कामर्शियल यूनिट्स बनाए जाने की शिकायतें मिलीं।
  • -सहसपुर, शिमला बाईपास, डोईवाला, पौंधा, भानियावाला व हर्रावाला में खेतों में अवैध प्लाटिंग तेज हुई।
  • ड्रोन से मिलेगी ‘रियल टाइम’ सच्चाई
  • -ड्रोन सर्विलांस अब एमडीडीए का सबसे बड़ा हथियार बनने जा रहा है।
  • -उड़ान के दौरान ड्रोन टीम हाई रिजाल्यूशन वीडियो व फोटो कैप्चर करेगी।
  • -फुटेज से प्लाटिंग पैटर्न, नई खड़ी दीवारें, खोदाई और संरचनाओं में बदलाव तुरंत पता चल जाएगा।
  • -कई बार शिकायतें मिलने पर मौके पर पहुंचने तक निर्माणकर्ता पहाड़ी क्षेत्रों या खेतों में निर्माण छिपा देते थे, अब ड्रोन से यह पकड़ में आ जाएगा।
  • -ड्रोन फुटेज केस फाइल का मुख्य डिजिटल सबूत होगा। इससे कार्रवाई में देरी की गुंजाइश खत्म होगी और बिल्डरों पर दबाव बढ़ेगा।
  • फ्लोर उल्लंघन से प्लाटिंग तक सब पर नजर
  • -जिन इलाकों में लगातार शिकायतें आ रही थीं, वहां स्पेशल ड्रोन फ्लाइंग जोन बनाए जाएंगे।
  • -हर सप्ताह ड्रोन टीम अपनी रिपोर्ट जमा करेगी, जिसके आधार पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण और नोटिस भेजने की प्रक्रिया तेज होगी।
  • -फर्जी लेआउट दिखाकर जमीन बेचने वाले प्लाटर्स पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
  • -दो मंजिल नियम के उल्लंघन, स्टिल्ट पार्किंग घोटाले और अवैध कामर्शियल उपयोग जैसे मामलों पर विशेष निगरानी की जाएगी।
  • -इस हाईटेक निगरानी से शहर में अव्यवस्थित विकास पर ब्रेक लगने की उम्मीद बढ़ गई है।


दून में अवैध निर्माण, बिना स्वीकृत नक्शों के तैयार हो रहे बिल्डर फ्लोर, खेतों में कट रही अवैध प्लाटिंग और कालोनियों में नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध अब एमडीडीए हाईटेक सर्विलांस मोड में आ गया है। प्राधिकरण ने ड्रोन के जरिये निगरानी अभियान शुरू करने की तैयारी की है। संवेदनशील इलाकों की मैपिंग की जाएगी और आने वाले दिनों में पूरे देहरादून को ड्रोन ग्रिड में शामिल किया जाएगा।
-बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए
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