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सिविल सेवाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी, पांच सालों में 24 से बढ़कर 35 प्रतिशत हुई

LHC0088 2025-12-11 04:37:22 views 651
  

सिविल सेवाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी। (पीटीआई)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) में उत्तीर्ण होने वाली महिलाओं का अनुपात 2019 में 24 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 35 प्रतिशत हो गया है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला है कि सफल उम्मीदवारों में इंजीनियरिंग स्नातक 50 प्रतिशत से अधिक हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने पांच वर्षों के आंकड़े प्रस्तुत किए, जिनमें अंतिम योग्यता सूची में महिला उम्मीदवारों की संख्या में लगातार वृद्धि दिखाई गई है। 2019 में 922 उम्मीदवारों में से 220 से बढ़कर 2023 में 1,132 में से 397 हो गई। इसी समय, इंजीनियरिंग स्ट्रीम के उम्मीदवारों का योग्यता सूची में दबदबा बना रहा, 2023 में 554 इंजीनियरों की अनुशंसा की गई, जो मानविकी में 368, विज्ञान में 137 और चिकित्सा विज्ञान में 73 उम्मीदवारों की तुलना में कहीं अधिक थी।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में ऑनलाइन उपलब्ध सरकारी सेवाओं की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण आंकलन (एनईएसडीए) के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी जाने वाली ई-सेवाओं की संख्या अप्रैल 2023 में 11,614 से बढ़कर अक्टूबर 2025 में 23,919 हो गई है, जो 105 प्रतिशत की वृद्धि है।

एक और प्रश्न के लिखित जवाब में जितेंद्र सिंह ने बताया कि सार्वजनिक शिकायतों के लंबित मामलों में 74 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है, जो 2021 में 10.23 लाख से घटकर 30 नवंबर, 2025 तक 2.62 लाख रह गए हैं।
वंदे भारत स्लीपर का परीक्षण जारी: वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा कि वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण को लंबी और मध्यम दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। वैष्णव ने कहा कि लंबी और मध्यम दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण को स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है। ऐसे दो रेक निर्मित किए जा चुके हैं और परीक्षण जारी है।

मंत्री ने तकनीकी प्रगति और सुरक्षा विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये ट्रेनें कवच प्रणाली, 180 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति और 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के साथ दुर्घटना-प्रतिरोधी और झटके-मुक्त अर्ध-स्थायी कपलर व एंटी-क्लाइंबर से सुसज्जित हैं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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