search
 Forgot password?
 Register now
search

विचाराधीन कैदी को 55 तारीखों पर अदालत में पेश नहीं किया गया, सुप्रीम कोर्ट नाराज

Chikheang 2025-12-4 06:37:00 views 742
  

विचाराधीन कैदी को 55 तारीखों पर अदालत में पेश नहीं किया गया, सुप्रीम कोर्ट नाराज (फोटो- पीटीआई)



पीटीआई, नई दिल्ली। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा एक विचाराधीन कैदी को 85 तारीखों में से 55 तारीखों पर निचली अदालत में पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के कारागार महानिदेशक को जांच का आदेश दिया है और इसकी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला और प्रशांत कुमार मिश्र की पीठ ने हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपित शशि उर्फ शाही चिकना विवेकानंद जुरमानी को जमानत दे दी, लेकिन इस तथ्य पर गंभीरता से विचार किया कि मुकदमा चलने के बावजूद उसे अदालत द्वारा दी गई 85 तारीखों में से 55 तारीखों पर अदालत में पेश नहीं किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुईं वकील सना रईस खान ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर पीड़ित को चाकू से गोदने का आरोप है, जैसा कि गवाह द्वारा दर्ज कराई गई एफआइआर में बताया गया है।

हालांकि, दो महीने बाद मरने वाले पीड़ित ने बयान दिया था कि याचिकाकर्ता ने उस पर लात-घूंसों से हमला किया था। इस तरह का विरोधाभास आरोप को झूठा साबित करता है।  

  

पीठ ने कहा कि हम राज्य के अधिकारियों के रवैये से स्तब्ध हैं। किसी अभियुक्त को अदालत में पेश करना न सिर्फ त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यह एक सुरक्षा उपाय भी है, ताकि कैदी के साथ दु‌र्व्यवहार न हो। हमें लगता है कि इस मूलभूत सुरक्षा उपाय का गंभीर उल्लंघन हुआ है। यह भयावह और चौंकाने वाला है। हम इसकी निंदा करते हैं।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
153746

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com