search

चतरा नौकरी घोटाला: फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने वालों पर गिरी गाज

deltin33 2025-11-28 14:37:00 views 1256
  



जुलकर नैन, जागरण चतरा। कई ग्राम रोजगार सेवकों ने फर्जी डिग्री के प्रमाण पत्र जमा कर नौकरी हासिल कर ली है। हाल के महीने में अनुबंध पर बहाल हुए ग्राम रोजगार सेवकों के प्रमाण पत्रों की जांच हुई तो चार के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

फर्जी प्रमाण पत्र वाले रोजगार सेवकों से जब शो-काज किया गया तो जवाब देने के बजाए उन लोगों ने त्याग पत्र दे दिए। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत अनुबंध पर 30 ग्राम रोजगार सेवकों की बहाली की वैकेंसी निकाली गई थी।

इसके विरुद्ध सैकड़ों युवकों ने आवेदन किए थे। मेरिट के आधार पर तीस का चयन किया गया। लेकिन दस ने योगदान नहीं दिया। जबकि पांच ने पद विशेष के लिए एक से अधिक जिलों में आवेदन किया था। इस कारण उन्हें निरस्त कर दिया गया।

इस प्रकार मात्र 15 ने योगदान दिया। योगदान देने वाले ग्राम रोजगार सेवकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। जांच में चार अभ्यर्थी देवनंदन प्रसाद दांगी, आदित्य कुमार यादव, बालचंद्र महतो एवं राकेश कुमार महतो का डिग्री प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।

उपर्युक्त अभ्यर्थियों ने बहाली के समय डिग्री के प्रमाण पत्र विभिन्न विश्व विद्यालयों के समर्पित किए थे। शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि पर उप विकास आयुक्त ने पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त कीर्तिश्री को दी। उपायुक्त के निर्देश पर संबंधित अभ्यर्थियों से शो-काज किया गया।

दो दिनों के भीतर अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था। समय अवधि पूरा होने के बाद उनका कोई जवाब नहीं आया। तत्पश्चात उपायुक्त के निर्देश पर चारों अभ्यर्थियों को चयन मुक्त कर दिया गया। हालांकि चयन मुक्ति के पश्चात निबंधित डाक से चारों ने त्याग पत्र भेजा है।
दूसरे अभ्यर्थियों की नहीं आई जांच रिपोर्ट

शेष अन्य चयनित अभ्यर्थियों की शैक्षणिक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। उप विकास आयुक्त के माध्यम से संबंधित विश्वविद्यालयों को सत्यापन के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद शेष 11 चयनित ग्राम रोजगार सेवकों का भविष्य निर्धारित होगा। यदि प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए, तो उन्हें भी चयन मुक्त कर दिया जाएगा।




जांच में डिग्री के प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई है। परिणामस्वरूप उपायुक्त के निर्देश पर चारों को तत्काल प्रभाव से चयन मुक्त कर दिया गया है। शेष अन्य की रिपोर्ट फिलहाल नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
अमरेंद्र कुमार सिन्हा, डीडीसी, चतरा।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
460643

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com