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कफ सीरप तस्करी का मास्टर माइंड शुभम कोलकाता के रास्ते भागा दुबई, 126 दवा फर्मों की हो रही जांच

deltin33 2025-11-28 10:36:32 views 1232
  



जागरण संवाददाता, वाराणसी। नशे में इस्तेमाल होने वाले कोडिनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के गिरोह का मास्टर माइंड वाराणसी के कायस्थान-प्रह्लादघाट निवासी शुभम जायसवाल गिरफ्तारी से पहले देश से भाग निकला है। गाजियाबाद पुलिस की जांच में कफ सीरप की तस्करी में नाम सामने आने के बाद सर्विलांस व लोकेशन डिटेल से पता चला कि शुभम पांच नवंबर को रांची से कोलकाता गया और वहां से दुबई के लिए उड़ान भरी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

शुभम फर्जी फर्मों के जरिये नशे के इस कारोबार को चला रहा था। उसने गाजियाबाद और वाराणसी में गोदाम बना रखे थे। इन गोदामों में कोडिनयुक्त कफ सीरप छिपाया जाता और इनकी आपूर्ति उत्तर प्रदेश, झारखंड, बंगाल, बिहार से लेकर नेपाल तक किया जाता। शुभम का नाम पहली बार सुर्खियों में आया, जब 19 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने दो कंटेनर से नमकीन व चिप्स के पैकेटों के बीच छिपाकर रांची ले जाए जा रहे करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये मूल्य के कोडिनयुक्त कफ सीरप की खेप पकड़ी थी।

शुभम जायसवाल की फर्म से भेजा

इसमें 1.20 लाख से ज्यादा शीशियां थीं। ट्रक ड्राइवर और मालिक से पूछताछ में सामने आया कि यह माल शुभम जायसवाल की फर्म से मेरठ के आसिफ वसीम के जरिए भेजा गया था। यह खेप गाजियाबाद के एक गोदाम से लोड की गई थी। इसके बाद बीते चार नवंबर को गाजियाबाद पुलिस ने 1,150 पेटी कफ सीरप बरामद कर आठ तस्करों को गिरफ्तार किया।

वाराणसी में मामला और गहराया, जब औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने 15 नवंबर को कोतवाली में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 26 दवा कारोबारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई। शिकायत में लगभग 89 लाख शीशियों की खरीद का ब्योरा और 100 करोड़ रुपये से अधिक के गैर चिकित्सकीय उपयोग की आशंका दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने 17 नवंबर को आइपीएस सरवणन टी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित की। जांच तेज होते ही शुभम और आसिफ अंडरग्राउंड हो गए।

कफ सीरप की 93,750 शीशियां बरामद कीं

एसआइटी व एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में बीते 19 नवंबर की रात रोहनिया में एक जिम के बेसमेंट से कफ सीरप की 93,750 शीशियां बरामद की गईं, जिनका संबंध भी शुभम से मिला। जांच में गाजियाबाद, वाराणसी, सोनभद्र, गाजीपुर और चंदौली में‘पूर्वांचल नेक्सस’ की कड़ियां सामने आईं और रडार पर 126 संदिग्ध फर्में हैं।

ड्रग विभाग की अलग जांच के बाद अब एसआइटी आपराधिक एंगल से पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एसआइटी प्रमुख सरवणन टी के अनुसार, उनका ध्यान ‘सप्लाई प्वाइंट’ यानी नशे के इस्तेमाल के लिए कफ सीरप की जहां से आपूर्ति की जा रही है, वहां तक पहुंचना है। साइबर और सर्विलांस विशेषज्ञ शुभम जायसवाल की आर्थिक साम्राज्य के साथ मोबाइल फोन/इंटरनेट पर होने वाली बातचीत और संपर्कों की जांच कर रहे हैं।
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