search

संभल: 1978 दंगे में मारे गए व्यापारी का शव ढूंढ़ने के लिए 46 साल बाद कुएं की खोदाई शुरू

deltin33 2025-11-27 20:07:15 views 749
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, संभल। 1978 में हुए दंगे के दौरान शहर के व्यापारी रामशरण रस्तोगी की हत्या के बाद उनके शव और दुकान के सामान को कुएं में फेंक दिया था। अब 46 साल बाद डीएम-एसपी के आदेश पर प्रशासन ने इस कुएं की खुदाई शुरू कराई है। पहले दिन मजदूरों ने फांवड़ा चलाकर खोदाई की मगर, एक पेड़ के आड़े आने की वजह से फिलहाल काम रुकवा दिया गया है। वन विभाग द्वारा पेड़ काटने के बाद फिर से काम शुरू होगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बता दें कि दो दिन पहले सोमवार को डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई शहर में पैदल गश्त कर रहे थे। जब वह एकता पुलिस चाैकी के पास संबंधित कुएं के पास पहुंचे तो वह पटा हुआ था। उन्होंने कुएं को देखा और जानकारी ली तो पता चला कि इसी कुएं में 1978 के दंगे के दौरान व्यापारी की हत्या के बाद शव को फेंका गया था। फिर दोनों अधिकारियों ने कुएं की खोदाई के निर्देश दिए।

इसी क्रम में बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी डा. मणिभूषण तिवारी एकता पुलिस चौकी के पास पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस चौकी के सामने स्थित एक कुएं के बारे में आसपास के लोगोंं से जानकारी की तो पता चला कि वहां सड़क किनारे लगे पेड़ के नीचे है।

इस पर एक कर्मचारी से वहां कुएं के आसपास की सफाई कराकर उसकी खोदाई का कार्य शुरू कराया गया। मगर, वहां पर पेड़ होने के कारण खोदाई कार्य में व्यवधान उत्पन्न होने लगा। ऐसे में अधिकारियों ने वहां पर पेड़ होने की वजह से वहां वन विभाग को सूचना देकर मौके पर बुला लिया। जहां पेड़ को देखने के बाद अधिकारियों ने उन्हें उसे कटवाने के निर्देश दिए।

पेड़ होने की वजह से कुएं की खोदाई नहीं हो पा रही थी। अचानक से वहां अधिकारियों के पहुंचने व उनके द्वारा कुंआ खोदाई कराए जाने को देख लोगों की भीड़ जुट गई। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि कुएं की बात सामने आई है। बताया गया है कि यह कुआं काफी पुराना है और 1978 के दंगों में जुड़ा रहा है। अब इस कुएं की खोदाई का काम शुरू किया गया है।

मगर, पेड़ होने के कारण काम रूक गया है। अब पेड़ कटने के बाद ही उसकी खोदाई का काम शुरू होगा। कुएं के पास स्थित दुकान स्वामी सुशील कुमार ने बताया कि यह कुंआ काफी पुराना है। जिसे उन्होंने अपने बचपन से देखा था। उन्होंने कहा कि जब 1978 में दंगे हुए थे तो उनके उपद्रवियोंं ने उनके ताऊ राम चरन दास रस्तोगी की हत्या की उन्हेंं इस कुएं में ही डाल दिया था।

  

यह भी पढ़ें- \“दादा की फाइल दोबारा खोली जाए\“, संभल के डीएम से मिलने दिल्ली से आया परिवार, कहा- हटाई जाए अवैध मजार
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
476821