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Income Tax Refund: अगले महीने तक मिल जाएगा आपका टैक्स रिफंड! कहां अटका है पैसा? CBDT चीफ ने दिया पूरा अपडेट

deltin33 2025-11-27 01:42:58 views 684
  

अगले महीने तक मिल जाएगा आपका टैक्स रिफंड! कहां अटका है पैसा? CBDT चीफ ने दिया पूरा अपडेट



Income Tax Refund Update: इनकम टैक्स के सभी लंबित रिफंड अगले महीने तक जारी हो जाएंगे। यह जानकारी सीबीडीटी चीफ रवि अग्रवाल ने दी। उन्होंने कहा कि छोटे और कम वैल्यू वाले रिफंड पहले ही रिलीज कर दिए गए हैं। अग्रवाल ने बताया कि जब हाई-वैल्यू रिफंड की फाइलें खोली गईं, तो कई मामलों में गलत क्लेम पाए गए। उनके शब्दों में, “कुछ रिफंड गलत क्लेम किए गए थे। इसके लिए हमने टैक्सपेयर्स को ई-मेल भेजे हैं और स्पष्टीकरण मांगा है। जो सुधार करना चाहते हैं, वो जल्दी कर लें।“ विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
जल्द जारी हो सकता है रिफंड

उन्होंने कहा कि विभाग हर रिफंड का एनालिसिस कर रहा है। जैसे-जैसे रिफंड को ग्रीन चैनल में लाया जा रहा है, वैसे-वैसे उन्हें रिलीज किया जा रहा है। सीबीडीटी चीफ के मुताबिक, “इस महीने या फिर अगले महीने तक सारे रिफंड जारी कर दिए जाएंगे।“ टैक्सपेयर्स को सलाह है कि वे ई-मेल में मांगी गई जानकारी समय पर अपडेट कर दें ताकि रिफंड प्रोसेस में देरी न हो।

यह भी पढ़ें- Income Tax Act 2025 लागू होने से पहले बड़ा अपडेट, इस दिन से बदलने जा रहे ITR और टैक्स नियम; क्या-क्या होगा बदलाव?
बदलने जा रहा ITR और टैक्स नियम

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस फ रवि अग्रवाल (CBDT Chief Ravi Agrawal) चीने इनकम टैक्स एक्ट 2025 (Income Tax Act 2025) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स विभाग जनवरी तक सरल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म और नए नियम नोटिफाई करेगा। ये नियम इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत लागू होंगे, जो अगले वित्त वर्ष 1 अप्रैल 2026 से प्रभाव में आएगा।

इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) में टैक्सपेयर लाउंज लॉन्च करने के बाद कहा कि, “हम फॉर्म और नियमों को डिजाइन कर रहे हैं। कोशिश है कि जनवरी तक इन्हें जारी कर दें, ताकि टैक्सपेयर अपने सिस्टम को समय से एडजस्ट कर सकें।“ उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग का मकसद रिटर्न फॉर्म को सीधा-सादा रखना है, ताकि नए कानून के तहत लोगों को रिटर्न भरने में आसानी रहे।
नए कानून में क्या-क्या बदलेगा?

इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को संसद ने 12 अगस्त को पास किया था। TDS की तिमाही रिटर्न, ITR फॉर्म समेत सभी फॉर्म को फिर से तैयार किया जा रहा है। डायरेक्टरेट ऑफ सिस्टम्स और टैक्स पॉलिसी डिविजन मिलकर फॉर्म को अधिक टैक्सपेयर-फ्रेंडली बना रहे हैं।
और क्या नहीं बदलेगा?

नए कानून में कोई नई टैक्स दर नहीं जोड़ी गई है। सिर्फ भाषा को आसान किया गया है ताकि 1961 के पुराने जटिल टैक्स कानूनों को समझना आसान हो सके।
नए कानून की मुख्य बातें

पुराने 1961 एक्ट के 819 सेक्शन घटाकर 536 सेक्शन कर दिए गए। 47 चैप्टर घटाकर 23 चैप्टर कर दिए गए हैं। कानून की भाषा 5.12 लाख शब्दों से घटाकर 2.6 लाख शब्द कर दी गई। स्पष्टता बढ़ाने के लिए 39 नए टेबल और 40 नए फॉर्मूले जोड़े गए।

  • सेक्शन की संख्या: 819 से घटकर 536 की
  • चैप्टर: 47 से घटकर 23 कर दिए
  • कानूनी भाषा के कुल शब्द: 5.12 लाख से घटकर 2.6 लाख किए



नया कानून आने वाले वित्त वर्ष से टैक्स सिस्टम को हल्का, सरल और ज्यादा समझने लायक बनाने का दावा करता है।
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