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गरीबी को आधा करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत, यूनिसेफ ने की तारीफ

LHC0088 2025-11-21 04:07:33 views 684
  

भारत गरीबी कम करने में तेजी से आगे



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत 2030 की समयसीमा से पहले बहुआयामी गरीबी को आधा करने के अपने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) को हासिल करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। हालांकि लाखों बच्चे अब भी शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पानी जैसी बुनियादी सेवाओं तक पहुंच से वंचित हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यूनिसेफ ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।\“द स्टेट आफ द व‌र्ल्ड्स चिल्ड्रन 2025: एंडिंग चाइल्ड पावर्टी-आवर शेयर्ड इम्पेरेटिव\“ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 20.6 करोड़ बच्चे, जो देश की बाल आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पोषण, स्वच्छ पानी और स्वच्छता सहित छह आवश्यक सेवाओं में से कम से कम एक तक पहुंच से वंचित हैं।
भारत गरीबी कम करने में तेजी से आगे

रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से एक-तिहाई से भी कम (6.2 करोड़) बच्चों की पहुंच दो या उससे अधिक बुनियादी सेवाओं तक नहीं है और उन्हें दो या अधिक कमियों से उबरने के लिए अब भी मदद की दरकार है।विश्व बाल दिवस के अवसर पर जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 46 करोड़ बच्चों में से आधे से अधिक बच्चों को अब बुनियादी सेवाएं मिल रही हैं, लेकिन प्रगति अब भी असमान है।

यूनिसेफ ने कहा-\“ भारत ने गरीबी कम करने की दिशा में तरक्की की है जो 2030 के अंत से पहले एसडीजी 1.2 को पाने की दिशा में आगे बढ़ने का एक मजबूत संकेत है। दूसरी ओर दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में बच्चों की भलाई में निवेश रुका हुआ है।\“

संस्था ने बताया कि गरीबी उन्मूलन में भारत की प्रगति बाल गरीबी को कम करने में महत्वपूर्ण रही है। यूनिसेफ ने कहा कि भारत की प्रमुख योजनाएं जैसे कि पोषण अभियान, समग्र शिक्षा, पीएम-किसान, मध्याह्न भोजन योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन ने पोषण, शिक्षा, स्वच्छता, आय सहायता और वित्तीय समावेशन जैसी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय गरीबी दर 29.2 से गिरकर 11.3 प्रतिशत रह गई

राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि 2013-14 और 2022-23 के बीच 24.8 करोड़ भारतीय बहुआयामी गरीबी से उबर गए और राष्ट्रीय गरीबी दर 29.2 प्रतिशत से गिरकर 11.3 प्रतिशत हो गई। सामाजिक सुरक्षा दायरे में भारी बढ़ोतरी देखी गई जो 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत हो गई है। सामाजिक सुरक्षा की पहुंच 94 करोड़ नागरिकों तक हो गई है, जिसने इस बदलाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बच्चों में निवेश से बेहतर कोई निवेश नहीं

यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिथिया मैक्कैफ्रे ने कहा- \“बच्चों में निवेश करने से बेहतर कोई निवेश नहीं है।\“ उन्होंने कहा कि भारत की तरक्की दिखाती है कि असरदार कार्यक्रम को और तेज करने से आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने और भारत के विजन 2047 तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की कुशलता में सुधार सिर्फ संसाधनों के बारे में नहीं है, बल्कि हमारे हर फैसले में बच्चों को प्राथमिकता देने की सामूहिक इच्छा और नेतृत्व के बारे में है।
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