पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दावा किया कि प्रदेश तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार का लक्ष्य बताया है कि युवाओं को बेहतर कौशल, आधुनिक संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे रोजगार के अवसरों को न केवल प्राप्त करें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजक भी बनें।
पटना में औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर को नई गति देने की दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा संयुक्त रूप से बिहटा (पटना) में प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया गया। साथ ही, मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा एवं मुंगेर में विकसित इसके एक्सटेंशन सेंटर का भी शुभारंभ किया गया।
इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति हब के अंतर्गत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया गया, जो वंचित वर्गों के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मेक इन बिहार' के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह सेंटर निवेश, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। बिहटा का यह प्रौद्योगिकी केंद्र अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस है। इससे इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ बिहार की पारंपरिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी एवं बड़ी संख्या में राज्य के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज का दिन बिहार के औद्योगिक विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। बिहटा में स्थापित यह प्रौद्योगिकी केंद्र और इसके विस्तार केंद्र न केवल आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य भी करेंगे। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
कार्यक्रम के दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरण किया गया। इसके अलावा पीएमईजीपी योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण तथा एससी, एसटी हब योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिया गया।

Deshbandhu
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