search

Rishikesh-Karnaprayag Rail Project: पांच स्टेशनों के टेंडर खुले, टर्मिनल के रूप में बनेगा परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन

Chikheang 2026-1-24 12:57:39 views 798
  

जागरण आर्काइव।



ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना
परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन कर्णप्रयाग टर्मिनस के रूप में बनाया जाएगा, 26 लाइनें बिछेंगी
पैकेज दो में आने वाले देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर के वित्तीय टेंडर भी खुले

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के पांच स्टेशनों के वित्तीय टेंडर खुल गए हैं। इन स्टेशनों में परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन कर्णप्रयाग भी शामिल है। अब सभी स्टेशनों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। तीन माह का समय निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कंपनियों को दिया गया है।  

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन में कुल तेरह स्टेशन हैं। इसमें बीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है। यहां से ट्रेनों का संचालन होता है। शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है। परियोजना के पैकेज दो के तहत आने वाले देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर के वित्तीय टेंडर भी खोल दिए गए हैं। इनके तकनीकी टेंडर पहले ही खुल चुके थे।

पैकेज चार में केवल कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन है। यह इस परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन है। कर्णप्रयाग टर्मिनस स्टेशन के रूप में बनाया जाना है। यहां 26 रेल लाइन बिछेंगी। कर्णप्रयाग का तकनीकी टेंडर बीस नवंबर को खुल गया था। अब इसका वित्तीय टेंडर भी खुल गया है। पैकेज तीन के धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर रेलवे स्टेशन निर्माण के लिए दोनों टेंडर पहले ही खुल चुके हैं। इन स्टेशनों के निर्माण के लिए कंपनियों की ओर से सामान पहुंचाया जा रहा है।

पैकेज दो और पैकेज चार के स्टेशनों का निर्माण कार्य तीन महीने में शुरू किया जाएगा। अब परियोजना के सभी 13 स्टेशनों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसमें दो में संचालन, दो में काम और बाकी के टेंडर खुल गए है। रेलव विकास निगम लिमिटेड ने दिसंबर 2028 तक परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
रेल परियोजना पर एक नजर

  • कुल लागत 16216 करोड़ रुपये
  • वर्ष 2019 में शुरू हुआ कार्य, 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य था, जिसे दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया।
  • कुल लंबाई 126 किमी
  • 17 सुरंगों से होकर गुजरेगी इसमें से 105 किमी लाइन
  • सबसे लंबी सुंरग 14.08 किमी (देवप्रयाग से जनासू के बीच)
  • सबसे छोटी सुरंग 200 मीटर (सेवई से कर्णप्रयाग के बीच)

11 सुरंगों की लंबाई छह किमी से अधिक

परियोजना के तहत बीरभद्र, योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर (चौरास), धारी देवी, रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलतीर, गौचर व कर्णप्रयाग (सेवई) में 13 स्टेशन हैं।


परियोजना के पैकेज दो और चार में आने वाले रेलवे स्टेशनों के वित्तीय टेंडर भी खुल गए हैं। तीन माह का समय कंपनियों को काम शुरू करने के लिए दिया गया है। तेरह स्टेशनों में दो में संचालन हो रहा है। दो पर काम चल रहा है। पैकेज तीन के स्टेशनों में कंपनियां निर्माण के लिए सामान पहुंचा रहीं हैं। - ओपी मालगुड़ी, उप महाप्रबधंक, सिविल, आरवीएनएल

यह भी पढ़ें- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 65% काम पूरा, स्टेशनों में दिखेगी पहाड़ी शैली की झलक
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
169187