टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के बीच अमेरिका के वाणिज्य मंत्री का भारत दौरा (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ट्रंप टैरिफ को लेकर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से वैश्विक व्यापार के बदले माहौल में अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक का भारत दौरे पर आना काफी अहम माना जा रहा है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को अपने एक्स हैंडल पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि लुटनिक के साथ व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। उनके इस पोस्ट से साफ संकेत मिल रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते और भारत-अमेरिका के बीच चल रहे आर्थिक मुद्दों पर सफल बातचीत हुई।
नहीं लागू हो सका 15% टैरिफ
पिछले सप्ताह भारतीय टीम अमेरिका जाकर दोनों देशों के बीच मार्च में संभावित व्यापार समझौते के वैधानिक मसौदे को मिलकर अंतिम रूप देने वाले थे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस कार्यक्रम को टाल दिया गया। गत मंगलवार को गोयल ने बताया था कि टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट होने पर ही आगे का कार्यक्रम तय होगा।
इस बीच लुटनिक और अमेरिकी राजदूत गोर की गोयल के साथ बैठक होने को भारतीय व्यापार के हक में माना जा रहा है। अभी अमेरिका ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगा रखा है, हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस शुल्क को 15 प्रतिशत करने का ऐलान तो जरूर किया था, लेकिन वह लागू नहीं कर सके।
दूसरी तरफ ट्रंप यह भी बार-बार बोल रहे हैं कि जो भी देश व्यापार समझौते का उल्लंघन करेगा या सुप्रीम कोर्ट के फैसले का फायदा उठाना चाहेगा, उसे अमेरिका में व्यापार करने के लिए काफी अधिक शुल्क देना पड़ सकता है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राष्ट्रपति को पारस्परिक शुल्क के नाम पर इस प्रकार से विभिन्न देशों पर अलग-अलग शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लगाया था और व्यापार समझौते के बाद यह शुल्क 18 प्रतिशत हो जाता।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर अन्य देशों की तरह मात्र 10 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल से पहले वाले पुराने शुल्क लग रहे हैं।लुटनिक के साथ वार्ता और चर्चा पर वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई।
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