फिलीपींस के गुरुघर में संत सीचेवाल का सम्मान (फोटो: जागरण)
अरविंद पाठक, सुल्तानपुर लोधी/कपूरथला। राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने फिलीपींस की धार्मिक यात्रा के दौरान उरदानेता में स्थित गुरुद्वारा गुरशब्द प्रकाश में आयोजित धार्मिक समागम में हाजिरी भरकर संगतों से मुलाकात की।
समागम के दौरान संगतों ने पंजाब में आई बाढ़ के समय संत सीचेवाल द्वारा निभाई गई मानवता की सेवाओं की सराहना की। मनजिंदर सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय संत सीचेवाल हमेशा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों की अगुवाई करते रहे हैं और हजारों परिवारों तक सहायता पहुंचाई, जो सेवा भावना की एक उच्च मिसाल है।
इसके अलावा राज्यसभा में मातृभाषा पंजाबी को उचित सम्मान दिलाने और संसदीय कार्यवाही के दौरान पंजाबी भाषा के प्रयोग को सुनिश्चित बनाने के लिए संत सीचेवाल द्वारा किए गए प्रयासों की भी विशेष प्रशंसा की गई। बलबीर सिंह ने कहा कि संसद में उनका पहला मुद्दा ही मातृभाषा पंजाबी को उठाना एक बड़ा कदम था।
उनकी पहल के कारण संसद के दोनों सदनों में पंजाबी सहित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को मान्यता मिली। समागम के दौरान संगतों को संबोधित करते हुए संत सीचेवाल ने विदेशों में बसे पंजाबियों को अपनी मिट्टी, मातृभाषा और धार्मिक विरासत से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सेवा, सिमरन और सांझीवालता ही सिख धर्म की वास्तविक पहचान है और हर व्यक्ति को मानवता की भलाई के लिए आगे आना चाहिए। समागम के अंत में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से संत सीचेवाल को सम्मान चिन्ह और सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हेड ग्रंथी बलजीत सिंह, सेवादार अंग्रेज सिंह, गुरदीप सिंह, हरजिंदर सिंह, रमणदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय संगतें उपस्थित रहीं।  |