चोकर व रंग से तैयार किए जा रहे मसाला की फैक्ट्री पर छापा
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अनुमंडल क्षेत्र में नकली खाद्य सामग्रियों का निर्माण से लेकर मंडियों में बिक्री धड़ल्ले से जारी है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर जिंदगी खतरे में डालने वालों के कारनामे समय-समय पर होने वाली छापेमारी में उजागर होते रहे हैं।
मालसलामी थाना क्षेत्र के नंदगोला स्थित घर एवं बाइपास थाना क्षेत्र के मरची स्थित फैक्ट्री में चोकर, कुन्नी व रंग की मिलावट से सभी तरह के मसाले, वनस्पति व रिफाइन से घी, शहद, चावल की खुद्दी से हींग, सोयाबीन, अबीर आदि नकली खाद्य सामग्री तैयार करने का पर्दाफाश अनुमंडल प्रशासन ने बुधवार को किया।
छापेमारी के बाद कारखाना को सील कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। मकान में परिवार रह रहा था इसीलिए उसे सील नहीं किया गया। नमूना संग्रह करने के बाद कर्मियों से पूछताछ की गयी। कारखाना चलाने का लाइसेंस भी नहीं था।
अनुमंडलाधिकारी सत्यम सहाय ने बताया कि मालसलामी के नंदगोला एवं बाइपास के मरची स्थित गणेश मसाला नाम से नकली मसाला, घी, हींग, अबीर, सोयाबीन, शहद व अन्य खाद्य सामग्री तैयार किए जाने की मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की गयी।
मासलामी, बाइपास थाना की पुलिस एवं दंडाधिकारी गंगा सागर सिंह, सुनील कुमार की मौजूदगी में क्यूआरटी दल फैक्ट्री में पहुंचा। वहां लगी मशीन से मसाला तैयार करने में कर्मी लगे थे। पुलिस के आने की भनक पाकर सभी भाग इधर-उधर निकल गए। कुछ कर्मी से छापामार दल ने पूछताछ किया।
एसडीओ ने बताया कि कारखाना चलाने एवं खाद्य सामग्री तैयार करने के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं था। कारखाना में सभी तरह के मसाले तैयार किए जा रहे थे। रंग की बोरियां, चावल की खुद्दी, कुन्नी, चोकर, वनस्पति, रिफाइन, शहद अन्य सामग्री था।
तैयार मसालों एवं डिब्बे व पाउच में घी व शहद, अबीर, बोरी में सोयाबीन, अबीर कारखाना में था। सभी का नमूना जांच के लिए लिगया गया है। उन्होंने बताया कि कारखाना सील कर आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।  |