आईएएनएस, नई दिल्ली। पिछले साल यानी 2025 में एपल का iPhone भारत से सबसे ज्यादा निर्यात किया जाने वाला उत्पाद रहा। इस दौरान 23 अरब डॉलर के iPhone निर्यात किए गए, जिनमें से ज्यादातर अमेरिका भेजे गए। उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि एपल के निर्यात में यह उछाल प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम जैसे उत्पादन प्रोत्साहन और चीनी सप्लायर से अलग उत्पादन के विविधीकरण के चलते हुआ।
2025 में जनवरी से दिसंबर के दौरान कुल 30.13 अरब डॉलर के निर्यात के साथ स्मार्टफोन पहली बार भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी में शामिल हो गया है और इसने ऑटोमोटिव डीजल ईंधन को पीछे छोड़ दिया है। कुल स्मार्टफोन निर्यात में एपल की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत थी। एपल को मिलने वाला पांच साल का पीएलआई मार्च, 2026 में खत्म हो जाएगा। देश में एपल के पांच असेंबलिंग प्लांट हैं। इनमें से तीन टाटा समूह द्वारा संचालित किए जाते हैं वहीं दो ताइवान की कंपनी फाक्सकान चलाती है। इन कंपनियों को 45 छोटी-बड़ी फर्मों से सप्लाई चेन का समर्थन मिलता है।
देश में बिकने वाले 99 प्रतिशत आईफोन मेड-इन-इंडिया
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पाद बन गया है। इतना ही नहीं, देश में बिकने वाले 99 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल फोन देश में ही बनते हैं। मेड इन इंडिया मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में ऊपर आ गया है। भारतीय ग्राहकों के स्मार्टफोन खरीदारी के पैटर्न में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। काउंटरपाइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट में हाल ही में कहा गया था कि अब बजट सेगमेंट के बजाय लोग अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। आइफोन-16 बेस वेरिएंट 2025 में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन माडल बनकर उभरा है।
भारत सहित उभरते बाजारों में दोहरे अंकों की राजस्व वृद्धि हुई
एपल के सीईओ टिम कुक ने कुछ दिनों पहले दिसंबर तिमाही के नतीजों का एलान करते हुए कहा था कि हमने भारत सहित उभरते बाजार में रफ्तार पकड़ना जारी रखा है। इन बाजारों में हमने मजबूत दोहरे अंकों को राजस्व वृद्धि दर्ज की है। कंपनी 26 फरवरी को मुंबई में एक और स्टोर खोलने जा रही है। कुक ने कहा था कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट और चौथा सबसे बड़ा पर्सनल कंप्यूटर बाजार बन गया है।
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