जागरण संवाददाता, पडरौना। परिवहन निगम की बसों की मनमानी संचलन से यात्रियों की परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। चालक बसों के निर्धारित किमी पूरा करने के चक्कर में लगे रह रहे हैं, जो यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। यही कारण है कि रोडवेज की बसें फोरलेन से ही निकल जा रही हैं।
जिले के कसया, हाटा, फाजिलनगर, तमकुहीराज से जिला मुख्यालय जाने वाले यात्रियों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। घंटों इंतजार के बाद मजबूर होकर लोग निजी वाहनों के सहारे यात्रा करते हैं। चालकों की मनमानी के चलते इससे जहां राजस्व की क्षति हो रही है, वहीं लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री राजेश कुमार चौहान कहते हैं कि तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तमकुहीरोड, अहिरौली दान, सिसवा नाहर, सलेमगढ़, दुदही, समउर बाजार समेत अन्य क्षेत्रों से हर रोज बड़ी संख्या में लोग कसया व जनपद मुख्यालय जाते-आते हैं, लेकिन तमकुही से बसें स्टेशन न पर जाकर सीधे फोरलेन से निकल जाती हैं, जिससे बस के इंतजार में स्टेशन में खड़े यात्री निजी साधन से अपने गंतव्य को जाते हैं।
दुकानदार गणेश प्रसाद कहते हैं पडरौना से तमकुही आने वाले यात्रियों को पडरौना से कसया तक तो बस मिल जाती हैं, लेकिन कसया बस स्टेशन से तमकुही के लिए बसों के इंतजार में घंटों बीत जाते हैं। कारण कि गोरखपुर से आने वाली बसें स्टेशन पर न आकर फोरलेन से सीधे निकल जाती हैं।
मजबूर होकर यात्रियों को या तो देवरिया ओवरब्रिज चौराहे पर इंतजार करना होता है या निजी वाहनों के सहारे यात्रा करनी पड़ती है। सुदामा गुप्ता, पिंटू कुमार गुप्ता का कहना है कि सरकारी बसें जाम की समस्याओं को देखते हुए बस स्टेशनों पर नहीं आती हैं। यह ठीक नहीं है, इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
एआरएम जय प्रकाश प्रधान ने कहा कि चालकों को निर्देशित किया गया है कि यात्रियों को स्टापेज वाले स्थानों पर चढ़ाए व उतारें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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