जालंधर बार एसोसिएशन के सदस्य व वकील।
जागरण संवाददाता, जालंधर। पंजाब के जालंधर में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन ने नो वर्क डे घोषित किया, जिसके चलते अदालतों में कोई नियमित कामकाज नहीं हुआ। यह निर्णय पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों की संयुक्त कार्रवाई समिति द्वारा घोषित राज्यस्तरीय हड़ताल के समर्थन में लिया गया।
कार्यवाहक अध्यक्ष एडवोकेट राम छाबड़ा की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 21 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक प्रस्तावित राज्यस्तरीय हड़ताल को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 23 फरवरी को नो वर्क डे मनाने का निर्णय लागू किया गया।
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वकीलों की मांग व समस्याओं पर हुई चर्चा
एसोसिएशन ने बताया कि शिकायत निवारण समिति (रेड्रेसल कमेटी) ने पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों और सचिवों को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक में वकीलों की मांगों और समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
नो वर्क डे के पीछे तीन प्रमुख मांगें बताई गई हैं। इनमें अपराधियों को आसानी से जमानत मिलने का मुद्दा, ग्रामीण अदालतों की स्थापना और फैक्टर एक्शन प्लान शामिल हैं। वकीलों का कहना है कि इन फैसलों से न्याय व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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रेड्रेसल कमेटी की बैठक पर टिकी नजर
सोमवार को अदालतों में नियमित कार्य नहीं हुआ और सभी सदस्यों ने निर्णय का समर्थन किया। एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से एकजुट रहने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई सदस्य इस निर्णय का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्ययोजना 24 से 27 फरवरी के बीच उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में रेड्रेसल कमेटी के साथ होने वाली बैठक के परिणाम पर निर्भर करेगी। फिलहाल जालंधर की अदालतों में कामकाज ठप रहने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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