जिले में मात्र छह रूटों तक ही सीमित रही मुख्यमंत्री जनता बस सेवा।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। ग्रामीण क्षेत्रों को शहर, जिला व प्रदेश मुख्यालय से जोड़ने के लिए सीएम के पहल पर शुरू हुई जनता बस सेवा जिले के मात्र छह रूटों तक सीमित होकर रह गई है। हालांकि जिले के तमाम ऐसे रूट अभी भी हैं, जिन पर रोडवेज की बसें चलती नहीं है, यदि चल रही हैं तो उनकी संख्या इक्का दुक्का ही है। जिन रूटों पर बसें चल रही हैं, उनका समय से संचालन न होना भी मुसाफिरों के लिए मुसीबत बन गया है।
मुख्यमंत्री की जनता बस सेवा पहल पर लखीमपुर डिपो प्रशासन सकेथू से लखनऊ, दुर्गापुरपड़री एवं ढ़खेरवा से लखीमपुर तक बस संचालन करवा रहा है, तो गोला डिपो प्रशासन गोला से लखीमपुर होकर मैगलगंज, धौरहरा और पलिया तक।
हालांकि जिले के कई अन्य रूट रोडवेज बस विहीन है। जबकि कुछ ऐसे भी हैं, जिन पर बसों की संख्या बेहद सीमित है। इस वजह से जिले की तमाम आबादी प्राइवेट वाहनों में दिक्कतों भरा सफर करने को विवश हैं। इससे मुख्यमंत्री की ओर से ग्रामीणों को कम किराए में बेहतर यात्रा कराने को लेकर शुरू की गई मुहिम को झटका लग रहा है।
इन रूटों पर इक्का दुक्का ही चल रहीं रोडवेज बसें
लखीमपुर से बेहजम, मितौली होकर मैगलगंज, पलिया, अलीगंज, निघासन, सिंगाही, सिकंद्राबाद होकर मोहम्मदी। उधर, गोला से सिकंदराबाद होकर सीतापुर, अलीगंज होकर बिजुआ, खुटार से मैलानी होकर भीरा पलिया।
इन रूट पर पड़ने वाले गांवों के लोग रोजाना लखीमपुर से लेकर लखनऊ तक आते जाते हैं। मगर, बसों की संख्या सीमित होने और कोई निर्धारित समय न होने की वजह से ग्रामीणों का इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
समय पर हो संचालन
ग्रामीणों का कहना है कि जनता सेवा के तहत जो बसें चल रही हैं उनका किराया 20 फीसद कम हैं। मगर, इनकी संख्या कम होने और समय पर न चलने से लाभ नहीं मिल पा रहा है। कभी कभार कैंसिल तक हो जाती है।
इस वजह से निजी से लेकर प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। विभागीय लोग बसों की संख्या बढ़ाकर संचालन समय पर कराएं तो ग्रामीणों को लाभ मिल सकेगा।
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