ओडिशा सीएम ने दी मंजूरी। (जागरण)
जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा को औद्योगिक महाशक्ति बनाने की दिशा में मोहन चरण माझी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण (एचएलसीए) की 44वीं बैठक में 44,241.97 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश वाली 10 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई।
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य के आठ जिलों में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी और 8,765 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के द्वार खुलेंगे।
सेमीकंडक्टर और हाई-टेक हब बनेगा ओडिशा
इस निवेश की सबसे बड़ी विशेषता ओडिशा का हाई-टेक क्षेत्र में प्रवेश है। एएसपी सेमीकॉन खोर्धा में ₹4,620 करोड़ की लागत से मेमोरी चिप मॉड्यूल प्लांट लगाएगी, जिससे 2500 लोगों को काम मिलेगा। वहीं, मैग्नोवा द्वारा ₹1,050 करोड़ के निवेश से बनने वाली \“हाई-परफॉर्मेंस मैग्नेट\“ इकाई इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में ओडिशा की भूमिका अहम कर देगी।
ग्रीन एनर्जी पर सबसे बड़ा दांव
राज्य में ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में ₹29,949 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी गई है। इसमें चार बड़े पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट शामिल हैं:
- अडानी हाइड्रो एनर्जी: नयागढ़ में ₹9,731.47 करोड़ का निवेश।
- संगमम सीडी हाइड्रो: कोरापुट में ₹9,000 करोड़ का निवेश।
- ग्रीनको: कालाहांडी में ₹7,506.94 करोड़ का निवेश।
- जिंदल ग्रीन: देवगढ़ में ₹3,711.56 करोड़ का निवेश।
रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बढ़ेंगे कदम
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए भारत फोर्ज ढेंकानाल में ₹3,000 करोड़ की एयरोस्पेस और डिफेंस यूनिट लगाएगी।
इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए डालमिया और एनसीएल इंडस्ट्रीज मालकानगिरी व कोरापुट में ₹4,000 करोड़ के निवेश से सीमेंट प्लांट स्थापित करेंगे। पुरी में श्रीटेक डेटा द्वारा ₹1,622 करोड़ का केबल लैंडिंग स्टेशन राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देगा।
रोजगार की नई उम्मीद (एक नजर में)
- कुल निवेश: ₹44,241.97 करोड़
- रोजगार: 8,765 (प्रत्यक्ष)
- प्रभावित जिले: खोर्धा, कोरापुट, नयागढ़, पुरी, कालाहांडी, देवगढ़, मालकानगिरी और ढेंकानाल।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए \“सिंगल विंडो\“ क्लीयरेंस के माध्यम से हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि ओडिशा की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। |