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ग्रीन कॉरिडोर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए त्वरित मार्ग तैयार किया गया
जागरण संवाददाता, लखनऊ। सड़क दुर्घटना में घायल के ब्रेन डेड के परिवार का लोगों ने बड़ा फैसला लिया। संजय गांधी पीजीआई में भर्ती 42 वर्षीय युवक के लिवर और किडनी डोनेट करने के फैसले ने तीन लोगों को नया जीवन दिया है। ब्रेड डेड के अंगों से तीन लोग लाभान्वित हुए।
संजय गांधी पीजीआई के ट्रामा में भर्ती 42 वर्षीय ब्रेन डेड व्यक्ति ने पहली बार तीन गंभीर मरीजों को नया जीवन दिया है। पीजीआई ट्रामा से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसके लिवर को केजीएमयू में एक रोगी को प्रत्यारोपित किया गया। जबकि दोनों गुर्दे पीजीआई में दो अलग-अगल रोगियों को प्रत्यारोपित किये गए। उसकी आंखें केजीएमयू के आईबैंक को दी गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पीजीआई से केजीएमयू तक ग्रीन कॉरिडोर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए त्वरित मार्ग तैयार किया गया। पुलिस की तत्परता एंबुलेंस को सभी चौराहों से बिना किसी रुकावट के पार कराया गया। हजरतगंज चौराहे पर पुलिस ने निभाई अहम भूमिका, थाना अध्यक्ष ने महज कुछ सेकंड्स में एंबुलेंस को पार कराया।
पुलिस की मुस्तैदी से हुआ राहत ग्रीन कॉरिडोर से मरीज को समय पर इलाज मिल सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस रही सक्रिय हर चौराहे पर पुलिस जवानों की तैनाती, एंबुलेंस को मिले मार्ग। पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई बिना देरी के एंबुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाने में सफलता मिली। |
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