407 की जगह 507 अंक दिखाकर 11 साल से उठा रहे थे वेतन
राजीव कुमार, पूर्णिया। फर्जी अंकपत्र के आधार पर 11 वर्षों से शिक्षक की नौकरी करते हुए वेतन मद में लाखों की राशि उठाव किए जाने का मामला पकड़ में आया है। निगरानी विभाग ने इस मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षक रमण कुमार सिन्हा के खिलाफ बीकोठी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षक के खिलाफ यह प्राथमिकी निगरानी विभाग के डीएसपी श्रीराम चौधरी ने दर्ज कराई है। फर्जीवाड़ा करने वाला शिक्षक रमण सिन्हा सुपौल जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के चौहट्टा का रहने वाला है। वह पूर्णिया के बीकोठी प्रखंड के सुखासन मध्य विद्यालय में शिक्षक के रूप में पदस्थापित था।
407 को बताया 507
रमण कुमार सिन्हा ने शिक्षक नियोजन के लिए जो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का अंकपत्र प्रस्तुत किया था उसमें क्रमांक 30951 रोल कोड 613 में कुल प्राप्त अंक 507 बताया गया है। जबकि जांच में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जो जानकारी निगरानी विभाग को उपलब्ध कराई है उसमें रमण कुमार सिन्हा को महज 407 अंक ही मिला था।
जांच में यह बात भी सामने आई कि शिक्षक रमण कुमार सिन्हा ने फर्जी अंकपत्र के आधार पर अपना प्रखंड शिक्षक के रूप में नियोजन कराने में सफलता पायी और लाखों की सरकारी राशि का वेतन मद में गबन किया।
निगरानी का एक दर्जन शिक्षकों पर जल्द कसेगा शिकंजा
शिक्षकों के फर्जी नियोजन की जांच कर रही निगरानी जल्द ही जिले के एक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर फर्जीवाडे के आरोप में शिकंजा कसने की तैयारी में है। निगरानी इन शिक्षकों द्वारा नियोजन के समय प्रस्तुत किए गए कागजातों की जांच भी कर रही है।
जांच में कुछ शिक्षकों के पिता के नाम में अंतर मिला है तो कुछ शिक्षकों के बोर्ड के रजिस्ट्रेशन के नंबर में अंतर पाया गया है। जबकि कुछ शिक्षकों को बिहार बोर्ड की परीक्षा में जो अंकपत्र मिला है उसके सत्यापन के जवाब का इंतजार निगरानी कर रही है।
शिक्षकों के नियोजन की जांच निगरानी उच्च न्यायालय पटना के सीडब्लूजेसी 15459/2014 के आलोक में निगरानी जांच संख्या बीएस 08/2015 के तहत नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है।
शिक्षक रमण का फर्जीवाड़ा पकड़ाने में लगा 14 साल
बीकोठी के सुखासन मध्य विद्यालय में शिक्षक के रूप में नियोजित शिक्षक रमण सिन्हा का नियोजन वर्ष 2012 में हुआ था। जिसमें शिक्षक ने फर्जी अंक पत्र के आधार पर नौकरी ली थी। शिक्षक के इस फर्जीवाड़े को पकड़ने में सरकार और निगरानी को 14 साल का वक्त लग गया। जबकि उच्च न्यायालय ने शिक्षकों के प्रमाण पत्र की जांच का आदेश वर्ष 2014 में ही दे दिया था।
बिहार बोर्ड से शिक्षक रमण कुमार सिन्हा के अंत पत्र का जांच प्रतिवेदन निगरानी को बीएसईबी/वीवीसी/106/25 13 नवंबर 2025 को प्राप्त हुआ। जिसमें नियोजन के दौरान उपयोग किए गए अंक पत्र फर्जी पाया गया।
जिसके बाद निगरानी ने इस मामले में 19 फरवरी 2026 को बीकोठी थाना में आरोपी शिक्षक के खिलाफ कई सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। निगरानी अब इस मामले में शिक्षक से वेतन मद में लिए गए सरकारी राशि की वसूली भी की जाएगी।
निगरानी जांच में अंक पत्र फर्जी पाए जाने के बाद मध्य विद्यालय सुखासन बीकोठी में पदस्थापित शिक्षक रमण कुमार सिन्हा के खिलाफ बीकोठी थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है। इसके अलावा जिले के कई अन्य शिक्षकों के नियोजन में भी गड़बड़ी की निगरानी जांच चल रही है। - श्रीराम चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी सह नोडल पदाधिकारी पूर्णिया। |
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