सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। कमिश्नरेट में कुछ थानेदार खुद को डीसीपी से भी बड़ा समझ रहे हैं। शाहगंज थाने में दो दिन पहले जेसीबी संचालक को अवैध हिरासत में रखकर वसूली करने वाले सिपाही को डीसीपी ने लाइन हाजिर कर दिया। मगर, थानेदार ने उसे कार्यमुक्त ही नहीं किया। वह थाने पर ही ड्यूटी करता रहा।
शनिवार को सिपाही की वीआईपी ड्यूटी शाहगंज थाने से ही लगाई गई तो मामला खुल गया। अब डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास जांच के बाद थानेदार पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
जेसीबी मालिक को हिरासत में रखकर वसूली के आरोप में हुई थी कार्रवाई
शाहगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले जेसीबी मालिक रईस खां पर फाइनेंस की कुछ किस्त बकाया थीं। सिपाही सनी मलिक ने फाइनेंसकर्मियों की शह पर रईस को अवैध हिरासत में रखकर 25 हजार रुपये की वसूली की थी। शिकायत मिलने पर डीसीपी सिटी ने सिपाही सनी मलिक को लाइन हाजिर करने के आदेश दिए थे।
थाने में रही सिपाही की तैनाती, वीआईपी ड्यूटी लगने पर खुला मामला
डीसीपी सिटी ने कहा था कि तत्काल प्रभाव से सिपाही को पुलिस लाइन भेजा गया है। मगर, उनके इस आदेश का पालन थाने में नहीं हुआ। सिपाही थाने में ही ड्यूटी करता रहा। शनिवार को सनी मलिक की ड्यूटी शाहगंज थाने से ही लगाई गई। वीआईपी ड्यूटी चार्ट में सनी की ड्यूटी शिल्पग्राम की तरफ सेल्फी प्वाइंट तिराहा पर लगाई गई। यह ड्यूटी चार्ट शनिवार रात को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया।
डीसीपी सिटी का कहना है कि लाइन हाजिर होने पर पुलिसकर्मी को तत्काल पुलिस लाइन जाना होता है। यदि नहीं जाता है तो थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी।
पहली बार खुला मामला
पूर्व में भी कई बार इस तरह से लाइन हाजिर होने के मामले चर्चाओं में आए थे। शाहगंज थाने की एक पुलिस चौकी पर तैनात रहे दारोगा को भीम आर्मी कार्यकर्ताओं से अभद्रता के मामले में अधिकारियों ने लाइन हाजिर किया था। मगर, हकीकत में वे चौकी पर ही ड्यूटी करते रहे। बाद में उन्हें दूसरी पुलिस चौकी की कमान सौंप दी गई।
इसी तरह ताजगंज की एक पुलिस चौकी पर एक दारोगा को लाइन हाजिर किया गया। मगर, उन्हें कुछ दिन के लिए छुट्टी पर भेज दिया। बाद में उन्हें सिकंदरा थाने की एक पुलिस चौकी पर भेजा। |
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