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वीरेंद्र भंडारी, रुद्रपुर। अगर कहीं, इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर इंडेन एलपीजी वितरक चयन के नाम पर कोई विज्ञापन दिखे या फिर व्हाट्सएप पर पत्र मिले, तो सावधान हो जाए। उस पर विश्वास करते ही साइबर ठग झांसे में लेना शुरू कर देंगे। इसके लिए पहले वह पंजीकरण के लिए 31500 रुपये मांगेंगे।
बाद में आश्वासन देंगे कि लाइसेंस के लिए 30 लाख रुपये की राशि कंपनी की ओर से प्रदान किए जाएंगे। जिसके बाद वह जिंदगी भर की जमा पूंजी कुछ ही पल में साफ कर देंगे।
इस तरह के पत्र प्रसारित होने के बाद ऊधम सिंह नगर पुलिस सतर्क हो गई है। एसएसपी अजय गणपति ने साइबर सेल व थाना पुलिस को इंटरनेट मीडिया के साथ ही लोगों को शिविर लगाकर जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में हर काम आनलाइन हो रहा है, जिसका फायदा साइबर ठगों ने उठाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ सालों से साइबर ठगों ने आनलाइन खरीददारी, नेट बैंकिंग, गेम डाउनलोडिंग, फर्जी आइडी, हेल्पलाइन और जीवन प्रमाण पत्र, केवाइसी अपडेट करने के साथ ही फेसबुक पर महिला बनकर दोस्ती का प्रस्ताव देकर और व्हाट्सएप हैक होने का झांसा देकर लोगों से ठगी करनी शुरू कर दी है।
इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन साइबर ठग नए नए तरीके अपनाकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे है। इधर, साइबर ठगों ने अब एलपीजी वितरक चयन के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया है। इसके तहत इंटरनेट मीडिया में एलपीजी वितरक चयन के नाम पर पत्र प्रसारित किया जा रहा है। जिसमें इंडेन एलपीजी डीलरशिप आवंटन का दावा करते हुए रुपयों की मांग की जा रही है।
यही नहीं, पंजीकरण के लिए 31500 रुपये मांगने के साथ ही डीलरशिप के लाइसेंस के लिए 30 लाख और डिलीवरी वाहन की खरीद और कार्यालय के लिए छह लाख रुपये देने का झांसा दे रहे है। साथ ही लोगों पर विश्वास में लेने के लिए उन्हें उज्जवला योजना के तहत 25 वर्ष के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान का आश्वासन दे रहे है। इसका पता चलते ही पुलिस और साइबर थाना पुलिस लोगों को जागरूक कर इस तरह के प्रसारित पत्रों पर विश्वास न करने की अपील कर रही है।
इंटरनेट मीडिया के साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप में साइबर ठग नए-नए तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे है। इंडेन एलपीजी डीलरशिप के नाम से भी पत्र इंटरनेट मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर विज्ञापन के तौर पर प्रसारित हो रहे हैं। ये पत्र फर्जी हैं तथा उन पर विश्वास न करें। कोई भी कदम उठाने से पहले उस पर विचार करें। इस तरह की ठगी रोकने के लिए ऊधम सिंह नगर पुलिस और साइबर सेल लोगों को जागरूक कर रही है। ठगी की शिकायत 1930 पर करें। - अजय गणपति, एसएसपी, ऊधम सिंह नगर
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