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प्रतीकात्मक चित्र
संवाद सहयोगी, देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद क्षेत्र में खूंखार कुत्तों का आतंक बना हुआ है। शुक्रवार को बच्चों को स्कूल छोड़कर आ रहे व्यक्ति को कुत्ते ने हमला कर घायल कर दिया। जिन्हें यहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। नगर में लगातार चौथे दिन कुत्ते के काटने की यह छठी घटना है। हालांकि तहसील क्षेत्र में रोजाना 30 से 35 लोगों को कुत्ते अपना निशाना बना रहे हैं।
मोहल्ला लाल मस्जिद निवासी 35 वर्षीय शादाब शुक्रवार सुबह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने ईदगाह मार्ग पर गए थे। वापस लौटते समय कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान वह जमीन पर गिर गए। कुत्ते ने शादाब की गर्दन को नोच डाला। इससे शादाब गंभीर घायल हो गए।
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और कुत्तों से उनकी जान बचाई। स्वजन ने घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लगातार फैल रहे कुत्तों के आतंक के कारण लोगों में दहशत और नगरपालिका प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है।
लोगों का आरोप है कि रोजाना लोग कुत्तों के काटने से घायल हो रहे हैं लेकिन बार-बार मांग के बावजूद भी कुत्तों को पकड़ने या इनके बंध्याकरण की कोई योजना सरकारी तंत्र के पास नहीं है। नगरपालिका प्रशासन भी कुत्तों को लेकर जल्द अभियान छेड़ने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लेता है जबकि स्थिति जिसकी तस बनी हुई है।
एक सप्ताह में 200 से 250 तक लग रहे एंटी रेबीज इंजेक्शन कुत्तों के काटने के कारण देवबंद तहसील क्षेत्र के 30 से 35 लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने सीएचसी पहुंचते है। जबकि काफी लोग ऐसे भी आ रहे है, जिन्हें कुत्ते द्वारा कंधे से ऊपर काटे जाने के कारण यहां से जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
सीएचसी प्रभारी के मुताबिक अस्पताल में एक सप्ताह में 200 से 250 तक एंटी रेबीज के टीके लगाए जा रहे हैं। बताया कि शोल्डर से ऊपर कुत्ते के काटने पर घायल को एआरएस (एंटी-रेबीज सीरम) देना होता है। यह जिला अस्पताल में उपलब्ध है। सिर, चेहरा, गर्दन पर कुत्ते के काटने का मामला गंभीर होता है। |
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