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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
संवाद सहयोगी, मसौढ़ी(पटना)। प्रखंड क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अधिकार जीविका महिला स्वावलंबी विकास सहकारी समिति लिमिटेड के तत्वावधान में ‘अधिकार जीविका महिला दीदी सिलाई केंद्र’ का उद्घाटन शुक्रवार को किया गया।
इस अवसर पर डीपीएम मुकेश कुमार शास्मल और सीएलएफ की अध्यक्ष शर्मिला देवी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
50 महिलाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार
इस सिलाई केंद्र के शुरू होने से करीब 50 जीविका दीदियों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। केंद्र में प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पोशाक की सिलाई की जाएगी।
प्रखंड के लगभग नौ हजार बच्चों के लिए दो-दो सेट पोशाक तैयार किए जाएंगे। यानी कुल 18 हजार पोशाक की सिलाई का कार्य यहीं संपन्न होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जीविका और आईसीडीएस के समझौते के तहत कार्य
यह पहल एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) और बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका) के बीच हुए पूर्व एकरारनामा के तहत की जा रही है।
इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना है। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
गुणवत्ता और तकनीक पर विशेष जोर
जिला परियोजना प्रबंधक मुकेश कुमार शास्मल ने सिलाई कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं को सही तकनीक अपनाने और पोशाक की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की पोशाक मानक के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे। गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण करना भी प्राथमिकता रहेगी।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम में रोजगार प्रबंधक अरुण कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक दिग्विजय नारायण समदर्शी, क्षेत्रीय समन्वयक प्रभारी डेजी कुमारी और सामुदायिक समन्वयक आशा कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
सभी ने इस पहल को महिलाओं के लिए मील का पत्थर बताया। स्थानीय महिलाओं में इस केंद्र को लेकर उत्साह देखा गया और इसे क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। |
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