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ओलिंपियन सुशील कुमार को राहत नहीं, जमानत पर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट तलब; 4 मई को अगली सुनवाई

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ओलिंपियन सुशील कुमार की जमानत याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस का जवाब मांगा है। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती विजेता सागर धनखड़ की हत्या के मामले में जेल में बंद ओलिंपियन सुशील कुमार की जमानत याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस का जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने दिल्ली पुलिस और मृतक के परिजनों को नोटिस जारी किया।

अदालत ने दिल्ली पुलिस को मामले पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने रिकाॅर्ड पर लिया कि हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में जमानत देने के आदेश को अगस्त-2025 में सुप्रीम कोर्ट ने रद कर दिया था। साथ ही अदालत ने मौखिक रूप से आरोपित सुशील पहलवान की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता से पूछा कि एक बार सुप्रीम कोर्ट ने कोई राय बना ली है, तो आप हाई कोर्ट से क्या उम्मीद करते हैं?

इसके जवाब में सुशील की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि जमानत याचिका पर विचार किया जाना चाहिए क्योंकि ट्रायल में सभी सरकारी गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस और मृतक के परिजनों के वकील ने कहा कि अभी सभी सरकारी गवाहों से पूछताछ होनी बाकी है। इस पर पीठ ने मामले की सुनवाई चार मई के लिए सूचीबद्ध करते हुए निर्देश दिया कि सुनवाई की तरफ से पहले स्टेटस रिपोर्ट/विस्तृत जवाब दाखिल किया जाए।

सुशील कुमार को मई 2021 में गिरफ्तार किया गया था और एक सत्र कोर्ट ने उन्हें 19 जुलाई 2023 को उनके घुटने की सर्जरी के लिए एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा सुशील कुमार को दी गई जमानत को रद कर दी थी। चार मार्च 2025 को हाई कोर्ट ने सुशील कुमार को जमानत दी थी।

छह फरवरी 2026 ट्रायल कोर्ट ने सुशील कुमार को जमानत देने से इन्कार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इस बात की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता कि आरोपित गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अक्टूबर 2022 में ट्रायल कोर्ट ने सुशील कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-302 (हत्या), धारा-120बी (आपराधिक साजिश) सहित अन्य धाराओं में आरोप तय किए थे।

सुशील पर आर्म्स एक्ट के प्रविधानों के तहत भी आरोप तय किए गए थे। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि अगवा करके छत्रसाल स्टेडियम लाए जाने के बाद सागर धनखड़ पर कई आरोपितों ने बेसबाॅल और हाॅकी स्टिक से बुरी तरह हमला किया था।

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