सूरजकुंड मेले में हुए झूले हादसे की जांच पर प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में झूले के हादसे की जांच अभी साफ नहीं है। खास बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारी इस मामले पर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। जब भी उनसे संपर्क किया जाता है, तो वे बस इतना कहते हैं कि जांच चल रही है।
जिले के डिप्टी कमिश्नर आयुष सिन्हा ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा मानकों को पक्का करने के लिए एक रेगुलर इंस्पेक्शन कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी को मेले में लगे झूलों, राइड्स और दूसरे इक्विपमेंट की रेगुलर जांच करने और आने वालों की सुरक्षा पक्का करने के लिए हर 24 घंटे में इंस्पेक्शन और रिव्यू रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे।
झूला टूटने से हुआ यह हादसा
लेकिन, झूला टूटने से यह हादसा हुआ। इसके बाद, हादसे के तथ्यों की डिटेल में जांच करने के लिए एक अलग जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी का मकसद हादसे के कारणों का पता लगाना, किसी भी लापरवाही की जांच करना और जिम्मेदारी तय करना है। कमेटी के हेड एडिशनल डिप्टी कमिश्नर और को-मेला एडमिनिस्ट्रेटर सतबीर मान हैं। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, DCP और दूसरे अधिकारी शामिल हैं।
उन्होंने साफ किया कि इस हादसे की जांच चल रही है। जांच प्रोसेस का रेगुलर रिव्यू किया जा रहा है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। कमिटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, और नियमों के अनुसार ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।
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