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गोरखपुर में न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त होगा, 14 लोगों ने गंवाई रोशनी

Chikheang 3 hour(s) ago views 253
  

न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल जद्दूपट्टी, सिकरीगंज l जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर।  न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल जद्दूपट्टी, सिकरीगंज में बैक्टीरियल संक्रमण व लापरवाही मिलने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहदेव मिश्र ने डीएम को रिपोर्ट भेजकर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है। डीएम दीपक मीणा ने कहा है कि हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।  

अभी तक किसी मरीज ने शिकायत नहीं की है, शिकायत मिलती है तो एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी। न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल में एक फरवरी को मोतियाबिंद सर्जरी के बाद लगभग 22 लोगों की आंखों में संक्रमण फैल गया था। इनमें से 14 लोगों की आंख की रोशनी जा चुकी है।  

12 फरवरी को डीएम ने इस मामले में अपर जिलाधिकारी सहदेव मिश्र की अध्यक्षता में मजिस्ट्रियल जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जांच पूरी कर गुरुवार को रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। इससे पहले दैनिक जागरण ने में चार फरवरी को प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने विभागीय जांच शुरू कराई थी। सीएमओ की कमेटी ने मजिस्ट्रियल जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें ऑपरेशन में प्रयुक्त होने वाली मशीन के बटन में स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया मिलने की बात सामने आई।

दोनों कमेटियों ने रोगियों से बात कर उनका बयान लिया, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया। सिकरीगंज संवाद सूत्र के अनुसार बेलघाट ब्लाक के चौड़िया मसान गांव के 70 वर्षीय परदेसी की बाईं आंख की रोशनी चली गई है। उन्होंने भी न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल में मोतियाबिंद का आपरेशन कराया था। वह उपचार कराकर घर लौट आए हैं।  

अस्पतालों के ओटी में संक्रमण मिला तो होगी सख्त कार्रवाई

सरकारी व निजी अस्पतालों के आपरेशन थियेटर (ओटी) में संक्रमण से बचाव के उपायों पर स्वास्थ्य विभाग का विशेष जोर है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर इन स्थानों पर संक्रमण का कोई भी कारक मिला तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में ऑपरेशन तमंचा खामोश, फायरिंग बढ़ा रही खौफ

सीएमओ डा. राजेश झा ने गुरुवार को चार अस्पतालों में पहुंच कर संक्रमण से बचाव के उपायों का निरीक्षण किया। सीएमओ ने जिला अस्पताल में आई ओटी, जिला महिला अस्पताल में गाइनी ओटी और दो निजी अस्पतालों की आई ओटी की जांच की। उन्होंने ओटी इंचार्ज से इंफेक्शन कंट्रोल के उपायों के बारे में पूरी जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि इंफेक्शन कंट्रोल के गुणवत्तापूर्ण इंतजाम बने रहने चाहिए। मरीजों के जीवन और भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारक के पाए जाने पर अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई होगी।  

डाॅ. झा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों अस्पतालों में अलग-अलग टीम ओटी की जांच कर चुकी है। जांच के दौरान जहां कहीं भी कमी मिल रही है चेतावनी दी जा रही है। अगर चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं होता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने सरकारी अस्पतालों के लिए निर्देश दिया है कि अगर इंफेक्शन कंट्रोल के लिए किसी भी सामग्री की कमी पड़ रही है तो तुरंत सूचना दी जानी चाहिए।
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