25 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहा पहला चरण। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, देहरादून। आगामी जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए राज्य स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। 25 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहे पहले चरण को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों से एकत्र की जाने वाली सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी।
जनगणना को लेकर समय-समय पर ठगी या भ्रामक गतिविधियों की आशंका को देखते हुए इस बार सुरक्षा और सत्यापन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि आमजन निश्चिंत होकर सही जानकारी उपलब्ध करा सकें।
राज्य में जनगणना कार्य केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से संचालित होगा। इसके तहत संबंधित क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों के माध्यम से जनगणना टीम की पूर्व सूचना दी जाएगी। प्रत्येक प्रगणक को क्यूआर कोड युक्त विशेष पहचान पत्र प्रदान किया गया है, जिसे मोबाइल से स्कैन कर उसकी तैनाती और विभागीय जानकारी सत्यापित की जा सकती है। इससे फर्जी प्रगणकों की संभावना समाप्त होगी और लोगों में विश्वास बढ़ेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष से संबंधित विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। यह डेटा सूचना के अधिकार के दायरे में भी साझा नहीं किया जा सकेगा और न ही इसे किसी न्यायिक या पुलिस कार्यवाही में प्रस्तुत किया जाएगा।
जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई प्रत्येक जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। केंद्र सरकार के पास केवल समेकित आंकड़े उपलब्ध होंगे, व्यक्तिगत विवरण किसी भी स्तर पर उजागर नहीं किए जाएंगे।
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