काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान में आकांक्षा महोत्सव का भव्य समापन।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। 29 जनवरी को प्रारम्भ होकर तीन हफ़्तों तक चले इस महोत्सव में विज्ञान के छात्रों की ऊर्जा, रचनात्मकता और संस्थान की जीवंत अकादमिक संस्कृति का प्रभावी प्रदर्शन हुआ। समापन समारोह की शुरुआत में संकाय प्रमुख प्रो. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों, आयोजकों और संस्थान के सदस्यों को इस सफल आयोजन का श्रेय देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और संस्थान की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
छात्र-सलाहकार प्रो. मधु तापड़िया ने आकांक्षा उत्सव के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का महत्व छात्रों के सर्वांगीण विकास में है। उन्होंने बताया कि ये मंच विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व, टीमवर्क और आत्म-अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विद्यार्थियों और आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं और महामना के संकल्पों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह की मुख्य अतिथि, पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. मंगला कपूर ने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प को सफलता की कुंजी बताते हुए विद्यार्थियों को अपने संघर्ष की कहानी सुनाई। एसिड-अटैक झेल चुकी प्रो. कपूर ने अपने जीवन के कठिन समय को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने संघर्ष किया और कई बार खुद से भी लड़ा। उन्होंने “हिम्मत नहीं हारना है“ को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि कठिनाइयाँ पार करना संभव है, बशर्ते हिम्मत न हारें।
इसके बाद कार्यक्रम का उद्घाटन संकाय के निदेशक प्रो. संजय कुमार की उपस्थिति में हुआ। उन्होंने कहा कि आकांक्षा जैसे आयोजन छात्रों की प्रतिभा को उजागर करने का माध्यम हैं और इन्हीं प्रयासों से एक जीवंत शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने आयोजन समिति को इस सफल समारोह के लिए बधाई दी।
उत्सव के दौरान शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला में निबंध लेखन प्रतियोगिता में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि पोस्टर मेकिंग और क्विज प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक छात्रों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य, गायन और नाटक जैसी प्रस्तुतियाँ शामिल थीं, जिनमें 300 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आकांक्षा की सभी प्रतियोगिताओं में 800 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को 170 पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों द्वारा प्रस्तुत नृत्य और गायन ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस आयोजन ने छात्रों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और निखारने का अवसर दिया, जिसमें यह पूरी तरह सफल रहा।
छात्र सलाहकार प्रो. मधु तापड़िया ने आयोजन की जिम्मेदारी निभाने वाले छात्र-संयोजकों दीपक, प्रांजल, अभिनव और राकेश को विशेष धन्यवाद दिया। समारोह का समापन प्रो. अमिया नाइक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। |
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