मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के चरणबद्ध आंदोलन के दो चरण सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद परिषद की आनलाइन आपातकालीन समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें आंदोलन को और व्यापक बनाने व आगामी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। परिषद ने आगामी सात अप्रैल को विशाल रैली निकालकर आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया।
बुधवार को आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने प्रथम व द्वितीय चरण में प्रदेश के सभी 13 जनपदों, स्वतंत्र शाखाओं और घटक संगठनों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ने आंदोलन को प्रदेशव्यापी मजबूती प्रदान की है और अब यह निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है। बैठक में अवगत कराया गया कि परिषद, अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति का संस्थापक एवं प्रमुख घटक संगठन है।
समन्वय समिति ने भी चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है, जिसके तहत सभी संगठनों की मांगों को शामिल करते हुए संयुक्त मांग पत्र तैयार किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि संयुक्त मांग पत्र में परिषद की प्रमुख मांगें 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी, गोल्डन कार्ड में सुधार, वाहन भत्ता व निगम, निकाय और वर्दीधारी कर्मचारियों से संबंधित मुद्दे शामिल कर लिए गए हैं। परिषद के प्रतिनिधिमंडल की शीघ्र ही मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुधांशु पंत, वित्त सचिव व मुख्यमंत्री के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
आंदोलन कार्यक्रम
- पांच से 13 मार्च: गेट मीटिंग कार्यक्रम।
- 16 से 24 मार्च: मंत्रियों एवं विधायकों को ज्ञापन।
- 25 मार्च: जनपद मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना।
- सात अप्रैल: देहरादून के परेड ग्राउंड से सचिवालय तक विशाल रैली, जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा का नोटिस दिया जाएगा।
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