जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर समेत शहरों की फर्माें के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी फर्में बनाकर साइबर ठगों ने यूरोप के कारोबारियों से करोड़ों रुपये ठगे। एक कारोबारी ने डीसीपी पश्चिम की ई-मेल पर शिकायत की तो पनकी थाने में मुकदमा लिख पुलिस ने जांच शुरू की। जिन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर हुए। उनकी जांच व मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस व साइबर टीम ने मुंबई से एक और झांसी के दो ठगों को दबोच लिया। ठगों के खातों में 70 लाख से ज्यादा रुपये भी मिले हैं। तीनों को टीम शहर ला रही है।
यूरोप के एक कारोबारी ने डीसीपी पश्विम की ई-मेल पर शिकायत की थी। उनका आरोप है कि कानपुर के वर्धमान इंडस्ट्रीज के नाम से एक फर्म के अधिकारी से उनका इंटरनेट मीडिया के जरिए संपर्क हुआ था। उन्हें सस्ते दाम पर सरिया बिक्री की बात कही। कारोबारी उनके झांसे में आ गए। धीरे-धीरे कर उन्होंने लगभग दो करोड़ रु़पये (डालर में) कंपनी के बताए अधिकारियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके कई दिन बाद भी जब माल उनके पास नहीं पहुंचा तो काल की, पर सभी के नंबर स्विच आफ निकले।
पीड़ित कारोबारी ने पुलिस को बताया कि इस तरह से आरोपित यूरोप के कई कारोबारियों से सैकड़ों करोड़ ठग चुके हैं। ई-मेल का संज्ञान लेकर पुलिस अधिकारी ने कारोबारी से संपर्क किया और जिन बैंकों में रुपये ट्रांसफर किए। उसकी जानकारी ली। उन बैंकों के दस्तावेजों में अंकित नंबर निकलवाए गए। इसके बाद उन नंबरों को ट्रेस कर पनकी थाना पुलिस व साइबर टीम ने मुंबई से ठग राहुल झांझर, झांसी के दो ठगों को दबोच लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक इस गिरोह में छह लोगों के शामिल होने का पता है। अन्य तीनों आरोपितों कें बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपितों ने फर्में फर्जी दस्तावेजों को लगाकर बनाई थी। वे लोग रुपये लेकर माल नहीं भेजते थे, बल्कि मोबाइल नंबर बंद कर देते थे। आरोपित दूसरे देशों के कारोबारियों को ही शिकार बनाते थे, जिससे वह पकड़े न जाएं।
यूरोप के एक कारोबारी से दो करोड़ की ठगी होने का ई-मेल आया था। मामले में पनकी थाने में मुकदमा लिखवाया गया है। आरोपितों को ट्रेस करने के लिए टीमें लगी हैं। जल्द उन्हें पकड़ा जाएगा।
- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी |
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