जर्जर नजीरपुर सड़क। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। विधानसभा चुनाव से पूर्व अखाड़ाघाट ढलान से जियालाल चोक होते हुए अहियापुर चौक तक पूरी तरह से जर्जर हो चली सड़क के निर्माण कार्य का शिलान्यास हुआ था। शिलान्यास के बाद एक दशक से जर्जर सड़क पर हिचकोले खा रहे लोगों को समस्या से निजात की आस जागी थी।
शिलान्यास के तीन बाद भी जर्जर सड़कों का निर्माण का कार्य शुरू नहीं होने से लोगों की उम्मीद पर पानी फिर गया। लोगों में शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिख रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो बरसात में 50 हजार की आबादी को जर्जर सड़क पर जलजमाव होने से घरों से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
बताते चलें कि ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन पूर्व अखाड़ाघाट ढलान से जियालाल चोक होते हुए अहियापुर चौक तक पूरी तरह से जर्जर हो चली सड़क एक दशक से जर्जर है। शहर से सटे एक दर्जन मोहल्ले के लोगों का शहर आने-जाने का यह मुख्य मार्ग है। साथ ही दरभंगा की ओर से आने वाले वाहनों को शहर में जाने का यह मार्ग है। सड़क पूरी तरह से खाई में तब्दील हो चुकी है, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित है। बरसात में जलजमाव से यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाता है।
स्थानीय महेश राय ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पूर्व अक्टूबर में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत सड़क निर्माण का धूमधाम से बोचहां के तत्कालीन विधायक अमर पासवान ने इसका शिलान्यास किया था। शिलापट्ट पर योजना राशि अंकित है ना शिलान्यास की तिथि। विधानसभा चुनाव में अमर पासवान की हार हो गई और बेबी कुमार विधायक बनी। इसके बाद भी सड़क नहीं बनी।
अहियापुर निवासी राजू कुमार ने कहा कि शिलान्यास के बाद संवेदक द्वारा सड़क पर गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। एक माह में सड़क का निर्माण पूरा करने की बात कही गई। लेकिन तीन माह बीत गए। पहले से ही जर्जर सड़क पर गिट्टी डालकर छोड़ देने से रास्ता और भी खतरनाक हो गया है।
नजिरपुर निवासी संतोष मिश्रा ने कहा कि यदि जल्द सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदेालन को बाध्य होंगे। सड़क पर जगह-जगह गिट्टी बिछाई गई। दस सालों से इस जर्जर सड़क पर हिचकोले लोगों को समस्या से मुक्ति की उम्मीद जागी लेकिन चुनाव को तीन माह बीत गए काम नहीं हुआ। |
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