महाराष्ट्र में 75 अल्पसंख्यक स्कूलों पर भी गिरी गाज (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने आरक्षण रद करने के साथ ही अल्पसंख्यक विभाग के कामकाज पर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग के उप सचिव मिलिंद शेनाय का तबादला कर दिया गया है और उनके विरुद्ध जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई कथित तौर पर बिना उचित प्रक्रिया के 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने से जुड़ा है, जिस पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि करीब 20 दिन पहले अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक दर्जे के प्रमाण पत्र जारी किए गए थे।
कब दिया गया था दर्जा
यह दर्जा उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद दिया गया था। उस समय वही अल्पसंख्यक विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन सभी 75 शिक्षण संस्थानों के अल्पसंख्यक दर्जे पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा के आदेश दिए हैं।
आरोप लग रहे हैं कि इन प्रमाण पत्रों के लिए प्रति संस्थान पांच से 10 लाख रुपए तक की वसूली की गई है। अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा मिलने से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण की अनिवार्यता से छूट मिलती है और नियुक्तियों में अधिक प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त होती है।
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