इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । अहियापुर थाना परिसर में उस समय अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक युवक थाना में घुसकर वहां रखे महत्वपूर्ण सरकारी कागजात को फाड़ना शुरू कर दिया।
युवक की इस अप्रत्याशित हरकत से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे हिरासत में लिया। इसके बाद इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया।
पुलिसकर्मी के मुताबिक, युवक मानसिक बीमार है। वह अचानक थाना आ पहुंचा था। जब तक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उसने मेज पर रखे कागजात को उठाकर फाड़ना शुरू कर दिया।
पूछताछ के दौरान युवक की बातों में असंतुलन दिखा। इससे पुलिस को उसके मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का संदेह हुआ। पूछताछ में एक महिला से शादी कराने की बात बोल रहा था।
थानाध्यक्ष रोहन कुमार ने युवक की स्थिति को देखते हुए उसे एसकेएमसीएच में भेजने का निर्देश दिया। पुलिस अभिरक्षा में युवक को अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
हालांकि पूरे मामले को लेकर थाना परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर युवक द्वारा कागजात फाड़े जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस युवक के स्वजन की पहचान करने का प्रयास कर रही है, ताकि घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।
केंद्रीय कारा में सजा काट रहे मधुबनी के कैदी की एसकेएमसीएच में मौत
मुजफ्फरपुर । खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में सजा काट रहे एक और कैदी की बुधवार को एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मधुबनी जिले के भैरवस्थान थाने के झरुआ गांव का केशो यादव (87) था।
तबीयत बिगड़ने पर एक सप्ताह पहले एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। पिछले वर्ष फरवरी में मधुबनी जेल से केंद्रीय कारा लाया गया था। वर्ष 1998 में उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था।
कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। एसकेएमसीएच ओपी पुलिस ने मजिस्ट्रेट रामनाथ कुमार से जांच कराने के बाद समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराया।
इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद शव स्वजन को सौंप दिया। ज्ञात हो कि मंगलवार को भी एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान मधुबनी के कैदी की मौत हो गई थी। |
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