पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। (सांकेतिक तस्वीर) सौजन्य- जागरण ग्राफिक्स
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने प्रतिशोध की भावना में आकर अपने ही सगे मामा को निशाना बनाया। महज 22 साल के इस आरोपी ने एक ही रात में अपने मामा की चार अलग-अलग दुकानों के शटर तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपित के पास से चोरी का एक लैपटॉप बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान पियूष तुलसवानी के रूप में हुई है।
उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि जीतू नामक शख्स की शिकायत पर द्वारका नार्थ और साउथ थानों में अपने द्वारका सेक्टर-18, सेक्टर-11, सेक्टर-12 और सेक्टर-4 स्थित दुकानों में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।। एंटी-बर्गलरी सेल की टीम ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो फुटेज में पियूष साफ तौर पर दुकानों के शटर तोड़ते हुए नजर आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू की।
स्वीच ऑफ रखता था मोबाइल
इधर पकड़े जाने के डर से आरोपित बेहद सावधानी बरत रहा था और अपना मोबाइल फोन अधिकतर समय बंद रखता था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक न कर सके। पुलिस टीम ने तकनीकी और मैन्युअल सर्विलांस के जरिए आरोपित पर नजर बनाए रखी।
क्या है पूरा मामला?
13 फरवरी को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पियूष डाबड़ी फल मंडी के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किया गया एक एचपी लैपटॉप बरामद हुआ है।
पुलिस पूछताछ में पियूष ने बताया कि वह अपने मामा जीतू के साथ उनके व्यापार में काम करता था। इससे पहले उसके पिता जिनकी 2022 में मौत हो गई थी, वह भी उनकी ही दुकान में सेल्स मैनेजर थे। आरोपित का दावा है कि मामा व्यापार का मुनाफा उसके साथ साझा नहीं कर रहे थे और बाद में गबन का आरोप लगाकर उसे नौकरी से भी निकाल दिया था।
इसी बात से नाराज होकर पियूष ने अपने मामा को आर्थिक चोट पहुंचाने और उनसे बदला लेने की साजिश रची था। 31 जनवरी को आरोपित ने अपने भाई की स्कूटी का इस्तेमाल किया और द्वारका के विभिन्न इलाकों में स्थित मामा की कन्फेक्शनरी दुकानों (मीठे खाद्य पदार्थ की दुकान) को निशाना बनाया था। आरोपित ने दुकानों के शटर उखाड़कर वहां से नकदी, मोबाइल फोन और लैपटॉप पार कर दिए। |
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