स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) लखनऊ की टीम ने शालीमार गार्डन से दो आरोपितों को पकड़ा। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) लखनऊ की टीम ने 100 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में सोमवार रात शालीमार गार्डन से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
कई राज्यों में पंजीकृत करा रखीं थीं बाेगस फर्म
एसटीएफ का दावा है कि पकड़े गए आरोपित बोगस फर्म बनाकर फर्जी इनवाइस, ई-वे बिल बनाकर वास्तविक फर्म को इसका लाभ दिया करते थे। यानी इन फर्म के लिए फर्जी बिल काटने का काम बोगस फर्म से किया जा रहा था।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब पौने 12 बजे शालीमार गार्डन बी-1 और बी-2 ग्राउंड फ्लोर पर छापा मारा। यहां से मोहम्मद शादाब मूल निवासी उत्तम विहार लोनी और मोहम्मद आलम निवासी विलेज खेड़ा, शाहदरा को गिरफ्तार कर लैपटॉप, सात मोबाइल समेत फर्म के दस्तावेज और बिल बुक आदि बरामद किया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह एकाउंटेंसी करते हैं और उनके साथ समर, तुफैल और रहमान भी काम करते हैं। अधिकारियों ने जारी प्रेस नोट में बताया कि दोनों बोगस फर्म बनाकर फर्जी ई-वे बिल, इनवायस बनाकर वास्तविक फर्म को उपलब्ध कराते हैं, जिससे वह फर्जी रिटर्न दाखिल कर आइटीसी क्लेम का लाभ लेती है।
मौके से मिले दस्तावेज में तीन फर्म लखनऊ पते पर भी मिली हैं। इनके नाम राम एंटरप्राइजेज, वीएसआर ट्रेडर्स और शिव ट्रेडर्स हैं। आरोपितों ने बताया कि हैदराबाद, महाराष्ट्र, तमिलनाड़ू, बिहार, झारखंड, तेलगांना, दिल्ली और ओडिशा में भी बोगस फर्म पंजीकृत कराईं। इनकी जांच की जा रही है।
अंतरराज्यीय गिरोह लगा रहा है राजस्व को चूना
अलग-अलग प्रदेशों में अंतराज्यीय गिरोह बोगस फर्म के माध्यम से राजस्व को चूना लगा रहा है। इसी मामले में 100 करोड़ की कर चोरी में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में राज्यकर विभाग ने मुकदमे भी दर्ज कराए हैं। इन मामलों की जांच करते हुए एसटीएफ बोगस फर्म संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
वसुंधरा में पांच दिन पहले पकड़ी थी फर्जी फर्म
वसुंधरा में करीब पांच दिन पहले राज्यकर विभाग की विशेष जांच शाखा ने कार्रवाई करते हुए 10 करोड़ की बोगस आइटीसी का खुलासा किया था। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 जोन-2 आइएएस संदीप भागिया के निर्देश पर कार्रवाई की गई।
इसमें एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 मोनू त्रिपाठी ने खुलासा किया कि फर्म के पंजीयन के मात्र नौ महीने में ही फर्जी और अस्तित्वहीन फर्माें को आइटीसी पास आन की गई। मौके पर जांच के लिए टीम पहुंची तो पते पर कोई फर्म नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि इस फर्म की जांच भी की जा रही है। फर्म से जुड़ी जिन अन्य फर्माें को लाभ दिया गया, उनकी रेकी विभाग करा रहा है। |