cy520520 • 2026-2-18 18:27:08 • views 1252
बुधवार को सहारनपुर में छाए काले बादल। जागरण
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जिले के मौसम ने एक बार फिर तेजी से करवट बदली है, सुबह घने कोहरे व पूरा दिन आसमान पर बादलों के छाए रहने व कहीं कहीं बूंदाबादी ने फिर से सर्दी का अहसास करा दिया है। मौसम विभाग अगले दो दिन मौसम में उलटफेर की संभावना जता रहा है।
पिछले करीब दस दिनों के दौरान दिन में तेज धूप खिलने से मौसम खासा गुलाबी होने के साथ ही गर्म होने लगा था। लेकिन बुधवार की सुबह घने कोहरे के साथ बादलों छाने तथा तेज हवाओं के चलने से मौसम में खासा बदलाव दर्ज किया गया तथा लोगों को फिर से गर्म कपड़ों की याद आने लगी।
सरसावा क्षेत्र में आसमान पर छाए बादलों से हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को पूरी तरह से बदल दिया तथा सर्दी का फिर अहसास होने लगा। किसान भी आसमान पर टकटकी लगाए मौसम के बिगड़ते मिजाज को निहारते रहे।
जिले के किसान वर्षा की तो अपेक्षा जता रहे है लेकिन वर्षा के साथ तेज हवा चलने पर गेहूं की फसल के नुकसान की आशंका से परेशान है। वैसे भी गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए बारिश की आवश्यकता किसान महसूस कर रहे है तथा नलकूप आदि से गेहूं की फसल की सिंचाई मे लगे है, लेकिन हवाओं में आई तेजी से भयभीत है
चढ़ते पारे पर भी ब्रेक
विगत दिनों में धूप खिलने से निरंतर चढ़ते पारे पर भी ब्रेक लगा है तथा मौसम में बदलाव के साथ ही ढलना शुरू हो गया है। बुधवार को रात का न्यूनतम तापमान जहां गत दिवस की तरह ही 13.0 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा रहा।
वहीं दिन का अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री की गिरावट के साथ 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। राजकीय मौसम वेधशाला प्रभारी अमीर आलम अगले दो दिन मौसम में उलटफेर जारी रहने के साथ ही कहीं कहीं तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा की संभावना जता रहे है.
स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा प्रभाव
मौसम के बार बार रंग बदलने से मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है तथा लोग मौसमी बीमारियां तेज बुखार, सिरदर्द, नजला, जुकाम, शरीर में अकड़न व डायरिया की चपेट में आते जा रहे है। जिला अस्पताल में भी ऐसे मरीजों की संख्या में खासा इजाफा दर्ज किया गया है तथा निजी अस्पतालों में बीमारी से पीड़ित लोगों की भीड़ लगी है.
चिकित्सक भी लोगों को कई परत वाले गर्म कपड़े पहनने, टोपी व जुराबें पहने के अलावा गर्म पदार्थों के अलावा ड्राइफ्रूट आदि का सेवन करने की सलाह दे रहे है. |
|