पुलिस के लिए ईमेल का सोर्स बना हुआ है पहेली। प्रतीकात्मक तस्वीर
नरेश कुमार, नैनीताल। शहर के जिला कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल पर बम धमाके की धमकी भरे संदेश ने पुलिस की अत्याधुनिक प्रणाली से लैस होने व तेजतर्रार तरीके से काम करने के दावों की पोल खोल कर रख दी। पहली धमकी मिले अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि एक नए ईमेल पते से दूसरे संदेश ने खलबली मचा दी। दो दिन बीतने के बाद भी पुलिस के लिए ईमेल का सोर्स पहेली बना हुआ है।
मामले में महज दो मुकदमे दर्ज करने तक पुलिस की कार्रवाई सिमटी हुई है। धमकी भरे संदेशों से बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या यह किसी सिरफिरे का कारनामा है या इस तरह के संदेश भेज कर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है, अथवा हकीकत में देशविरोधी ताकतें इन हरकतों को अंजाम दे रही हैं।
जिले में छोटी मोटी आपराधिक वारदातों के खुलासे में पुलिस खुद अपनी पीठ थपथपाना नहीं भूलती। खुलासे के बाद अधिकारियों द्वारा पुलिस के इंटरनेट मीडिया अकाउंट के साथ ही तमाम मीडिया साधनों में इसका प्रचार प्रसार कर विभाग की तेज तर्रार कार्यप्रणाली उजागर की जाती है लेकिन शहर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दिये जाने के मामले में पुलिस की तेजी के साथ ही साइबर अपराध से निपटने की विशेषज्ञता पर भी सवाल खड़े कर दिये है।
सोमवार सुबह मिले संदेश में मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरु नहीं हुई थी कि मंगलवार सुबह मिली दूसरी धमकी ने नई चुनाैती खड़ी कर दी है। दो दिन बीते के बाद पुलिस अब तक ईमेल करने वाले सोर्स तक भी नहीं पहुंच सकी है।
विशेषज्ञता नहीं, थाना पुलिस कैसे करेगी जांच
जिला कोर्ट में बम धमाके की धमकी के बाद तल्लीताल पुलिस ने कोर्ट कर्मी की तहरीर पर दो मुकदमे तो दर्ज कर लिए है, लेकिन मामलों की जांच को लेकर संशय बना हुआ है।
नैनीताल के साथ ही उत्तरकाशी, टिहरी व अल्मोड़ा में भी एक ही संदेश भेजकर दहशत फैलाने का कारनामा किया जा रहा है। मामला साइबर अपराध से जुड़ा होने के बावजूद अब तक जांच न तो साइबर सेल और न ही एसटीएफ को दी गई है। लोगों की सुरक्षा के दावे करने वाले वाली पुलिस की साइबर सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे है कि पहला संदेश मिलने के 36 घंटे बाद भी पुलिस संदेश के सोर्स तक का पता नहीं लगा पाई है।
सिरफिरे का संदेश या परखी जा रही सुरक्षा व्यवस्था
जिला कोर्ट में लगातार दो धमकी भरे संदेशों को लेकर मचे हड़कंप के बीच यह किसी सिरफिरे का कारनामा होने की चर्चा भी आम है। नैनीताल के साथ ही अन्य जिलों में भी एक ही इसी तरह के संदेश से हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई यह किसी सिरफिरे का काम है या इस तरह के संदेश प्रसारित कर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था व इंतजाम परखना तो उद्देश्य नहीं है।
पुलिस अलर्ट मोड में रहकर नैनीताल व जिले के अन्य कोर्ट परिसरों में बीडीएस व पुलिस स्क्वाड के साथ गहन जांच कर रही है। ईमेल भेजने वाले सोर्स का पता लगाने के लिए सर्विस प्रोवाइडर से मदद मांगी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। - मंजूनाथ टीसी एसएसपी नैनीताल
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