बांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक करते हाई पॉवर मैनेजमेंट कमेटी सदस्य।
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्णय लिया। गर्भगृह के बाहर जगमोहन पर विराजकर अब ठाकुर बांकेबिहारी दर्शन देंगे। बुधवार से ही उन्हें जगमोहन में विराजित किया जाएगा।
इसी 25 फरवरी से ठाकुर जी के दर्शन का भी सीधा प्रसारण (लाइव स्ट्रीमिंग) शुरू होगी। ऐसे में मंदिर में रंगभरनी एकादशी का आनंद लोग घर बैठे भी ले सकेंगे।
समिति की 11वीं बैठक शाम साढ़े चार बजे से वृंदावन के शहीद लक्ष्मण स्मारक के सभागार में शुरू हुई। समिति के सदस्य श्रीवर्धन गोस्वामी की सेवा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। उन्होंने इस दौरान ठाकुर जी को जगमोहन में विराजित करने का प्रस्ताव रखा।
इस पर एकमत से सभी ने सहमति दी। बुधवार से ही ठाकुर जी को जगमोहन में विराजित किया जाएगा। इससे मंदिर परिसर में मौजूद हर श्रद्धालु को ठाकुर जी के और अच्छे से दर्शन होंगे।
समिति अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने अन्य सेवायतों से भी अपील की कि वह अपनी सेवा में ठाकुर जी को जगमोहन में ही विराजित करें। उन्होंने जो समिति ने पूर्व में दर्शन का समय बढ़ाया था, उसका भी पालन करने की अपील की।
बैठक में तय किया गया कि मंदिर में सजावट के दौरान गुब्बारों का उपयोग नहीं होगा। फूल व अन्य उपयोगी वस्तुओं से मंदिर में सजावट होगी। कहा गया कि गुब्बारे बाद में कूड़े में जाते हैं और गोवंशी उसका सेवन करते हैं तो उन्हें दिक्कत होती है।
अध्यक्ष ने कहा कि रेलिंग लगने के बाद श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है, अब दर्शन के लिए उन्हें धक्का-मुक्की नहीं करनी पड़ी रही।
श्रद्धालुओं द्वारा माला फेंकने की परंपरा बंद करने के साथ मंदिर में अर्पित होने वाली मालाओं से धूपबत्ती, अगरबत्ती बनवाने का प्रोजेक्ट शुरू करने पर भी विचार हुआ है। हालांकि इस पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
ठाकुरजी के दर्शन का सीधा प्रसारण 25 फरवरी से शुरू हो जाएगा। होली पर देश-दुनिया के भक्तों को वेबसाइट पर दर्शन संभव हो सकेंगे। यह भी चर्चा हुई कि मंदिर गलियारा के लिए सात रजिस्ट्री हो चुकी हैं और भी लोगों को प्रस्ताव दिए गए हैं।
बैंकों पर निर्णय लिया कि जो भी बैंक अधिक ब्याज देगा, उस बैंक में दानराशि जमा करवाई जाएगी। इसके लिए बैंकों से ब्योरा मांगा गया है। 12 मार्च को होने वाली अगली बैठक में इस पर निर्णय होगा।
ठाकुर जी के सोने-चांदी के आभूषण 1971 से मंदिर के ही कार्यालय में तिजोरी में रखे हैं। इन्हें पंजाब नेशनल बैंक के लाॅकर में रखवाने का निर्णय लिया गया। एक और महत्वपूर्ण निर्णय हुआ ठाकुरजी के प्रतिदिन के भोग पर व्यय होने वाली धनराशि पर।
वर्तमान में ठाकुरजी के भोग पर प्रतिदिन 22,300 रुपये खर्च हो रहा है। इस बजट को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मंदिर चबूतरे पर गोलक व काउंटर स्थापित किया जाएगा, ताकि ठाकुरजी का प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालु बुकिंग करा सकें।
बैठक में सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्र, जिला जज विकास कुमार, समिति सचिव व डीएम सीपी सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, विप्रा उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा, राजभोग सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी, श्रीवर्धन गोस्वामी, शयनभोग सेवायत दिनेश कुमार गोस्वामी, विजय कृष्ण गोस्वामी मौजूद रहे। |
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