समाहरणालय में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में मौजूद जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी व अन्य।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में खनिज संपदा की लूट और अवैध परिवहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त (DC) कर्ण सत्यार्थी ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें उन्होंने अधिकारियों को माफियाओं के खिलाफ सख्ती पूर्वक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नदियों में अवैध बालू उठाव पर कड़ाई उपायुक्त ने स्वर्णरेखा और खरकई नदी से हो रहे अवैध बालू खनन को रोकने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है।
- प्राथमिकी के निर्देश: बागूनहातु और बारीडीह क्षेत्रों में नाव के जरिए नदी के बीच से बालू निकालने वालों पर तत्काल FIR दर्ज करने को कहा गया है।
- CCTV अनिवार्य: बालू की कालाबाजारी रोकने के लिए अब सभी डीलरों के स्टॉक यार्ड में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा।
- चालान व्यवस्था: हर उठाव के लिए चालान निर्गत करना होगा और पुल-पुलिया के पास अवैध खनन रोकने के लिए औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
प्रदूषण और ईंट भट्ठों पर लागू होेंगे नियम बैठक में हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग से होने वाले प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई गई। प्रदूषण बोर्ड को निर्देश दिया गया कि वे रेलवे के साथ समन्वय कर साइडिंग की बाउंड्री या खनिजों को ढकने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। इसके अलावा, बंगला ईंट भट्ठों के लिए भी नियम तय किए गए हैं। इसमें गैरव्यावसायिक उपयोग के लिए 10 हजार ईंट से ज्यादा के निर्माण पर रोक रहेगी।
विभागीय तालमेल से बढ़ेगा राजस्व उपायुक्त ने पुलिस, वन, परिवहन और प्रदूषण विभाग को आपसी तालमेल से काम करने का निर्देश दिया है। बिना पंजीकरण वाले और ओवरलोडेड वाहनों की सघन जांच कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। बैठक में डीएफओ शबा आलम अंसारी, ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग और एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। |
|