शिक्षक के अपहरण और हत्या मामले में पकड़े गए छह आरोपित। जागरण
जागरण संवाददाता, उरई। जालौन में बीएलओ की ड्यूटी से लौट रहे शिक्षक का अपहरण करके हत्या कर दी गई। छह दिन बाद हत्या का राजफाश हुआ। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि कर्ज से बचने के लिए रिश्तेदार ने ही हत्या की साजिश रची थी।
झांसी के शिवाजी नगर निवासी राघवेंद्र वर्मा जालौन के नदीगांव ब्लाक क्षेत्र में ग्राम परासनी के जूनियर में सहायक अध्यापक थे। उसका 10 फरवरी को अपहरण किया गया और फिर उसे मप्र के सेंवड़ा में एक नलकूप पर ले जाकर उसकी एक युवती के साथ अश्लील वीडियो बनाया। वीडियो को उसके जीजा के मोबाइल पर भेजकर फिरौती मांगी गई। जब राघवेंद्र ने वीडियो देखा तो उसने विरोध किया। इसके बाद आरोपितों ने डाटा केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
पूछताछ में पता चला कि राघवेंद्र से उसके फूफा के लड़के कृष्णपाल ने पांच लाख रुपये का कर्ज लिया उसे वापस न करना पड़े इसलिए घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले में युवती समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक डा. दुर्गेश कुमार ने कहा कि एसओजी टीम को 25 हजार का इनाम दिया जाएगा।
ये था पूरा मामला
झांसी के शिवाजी नगर निवासी राघवेंद्र के फूफा घनश्याम ग्राम सराय थाना पूंछ जिला झांसी में रहते हैं। राघवेंद्र के फूफा के पुत्र कृष्णपाल उर्फ कुलदीप से अच्छी दोस्ती थी। राघवेंद्र जिले के नदीगांव थाना क्षेत्र के ग्राम परासनी जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात था। इस कारण उसने कृष्णपाल को धीरे-धीरे पांच लाख रुपये उधार दे दिए थे। जब वह रुपये मांगता तो कृृष्णपाल उसे कुछ दिनों में रुपये देने का आश्वासन देकर टरका देता था। राघवेंद्र का पत्नी से न्यायालय में मुकदमा चल रहा है इस कारण उसे रुपये की अधिक जरूरत थी। उसकी ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगी थी इस कारण वह अधिक व्यस्त रहता था।
रुपये वापस करने को बुलाया
10 फरवरी को कृष्णपाल ने राघवेंद्र को फोन किया कि वह उसे रुपये वापस करना चाहता है। इसके बाद कृष्णपाल नदीगांव क्षेत्र में उसके पास हुंडई कार लेकर आया और उसकी स्कूटी रास्ते में खड़ी करा दी। कुछ दूरी पर कृष्णपाल के साथी खड़े मिले तो उसने उन्हें भी कार में बैठा लिया और राघवेंद्र को मप्र के सेवड़ा में नीशू वर्मा के नलकूप पर ले गए। जहां राघवेंद्र को फूफा के लड़के कृष्णपाल, रिंकू सिंह निवासी ग्राम मड़ोरा थाना बड़ागांव, नीशू वर्मा निवासी कोरियाना मुहल्ला नेहरू पार्क नवाबाद, राजकुमार सिंह निवासी बंगरी थाना टहरौली, अभि उर्फ निगम वर्मा निवासी मुहल्ला शीतला माता मंदिर के पास झांसी व कृष्णपाल की प्रेमिका ने मिलकर शराब पिलाई। जब राघवेंद्र नशे में हो गया तो युवती के साथ अश्लील वीडियो व फोटो बनाकर कृष्णपाल ने उसके जीजा राजकुमार को भेज दी।
होश में आने के बाद विरोध किया तो मार डाला
राघवेंद्र को इसका पता चला तो उसने विरोध किया इस पर कृष्णपाल ने साथियों के साथ मिलकर उसकी डाला केबल से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को कुछ दूर झाड़ियों फेंककर सभी भाग गए। सेंवड़ा पुलिस ने शव को लावारिस में बरामद कर दो दिन बाद उसका पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया। इधर राघवेंद्र की मां रामवती ने 11 फरवरी को पुत्र की गुमशुदगी नदीगांव थाने में दी तो पुलिस ने दो दिन बाद 14 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी। एसओजी समेत तीन टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर मप्र पहुंचकर जांच की। लावारिस शव के पास से बरामद कागजात व कपड़ों से मां रामवती ने पुत्र की शिनाख्त की।
उखाड़ा गया दफनाया गया शव
गुमशुदा पुत्र राघवेंद्र के कपड़ों की शिनाख्त कराने के बाद जिले के एसओजी प्रभारी वरुण कुमार की देखरेख में दफनाया गया शव बाहर निकाला गया तो मां ने तुरंत ही उसे पहचान लिया। शव पूरी तरह से गल चुका था। इस कारण 15 फरवरी को शव घर लाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ट्रेन में बैठकर पुलिस को चकमा देता रहा कृष्णपाल
कृष्णपाल ने अपनी प्रेमिका व रिंकू, नीशू, राजकुमार अभि वर्मा के साथ मिलकर हत्या के सभी को अलग-अलग क्षेत्रों में भगा लिया। वह स्वयं ग्वालियर से एक ट्रेन में बैठकर गुड़गांव भाग गया। पुलिस ने जब उसकी लोकेशन ली तो गुड़गांव तक उसकी खोज की। जब दोबारा लोकेशन ली तो आगरा फिर ग्वालियर, झांसी इसके बाद प्रयागराज की लोकेशन मिली। पुलिस की दी टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार कर सभी आरोपितों को अलग-अलग जगह से पकड़ा। उनके पास से हुंडई कार, मृतक की स्कूटी, एक पिस्टल, दो कारतूस, थैले में एसआइआर के फार्म, दवाइयां व कुछ सामान बरामद किया है। सभी आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
कृष्णपाल पर दर्ज हैं कई मुकदमा
हत्या के मुख्य आरोपित कृष्ण पाल चोरी, छेड़खानी, मारपीट समेत चार मुकदमा पहले से दर्ज हैं। जबकि इस मामले में अभी पुलिस दो और आरोपितों की इस मामले में तलाश कर रही है। 14 फरवरी को मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने 72 घंटे में ही क्राइम पेट्रोल सीरियल की तरह उलझी कहानी का राजफाश कर दिया है। ,
18 डिब्बों की हुई तलाशी तब मिले कृष्णपाल
हत्या के बाद मुख्य आरोपित कृष्णपाल लगातार ट्रेनें बदलकर उसमें ही बैठा रहा। अंत में उसकी लोकेशन जब प्रयागराज के एक एक्सप्रेस ट्रेन में मिली तो पुलिस को दो सिपाहियों ने पूरे 18 डिब्बों में तलाशी ली तब कृष्णपाल को गिरफ्तार कर ले। उसने पहचान छिपाने के उद्देश्य से अपनी दाड़ी भी बड़ी कर ली थी जिससे पुलिस उसे पहचान न सके।
एसओजी व पुलिस की टीम ने शिक्षक की अपहरण व हत्या की गुत्थी का 72 घंटे में राजफाश कर दिया है। छह आरोपित गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
डा. दुर्गेश कुमार, पुलिस अधीक्षक |
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